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Saturday, September 7, 2019

मेरी बीवी की गांड चुदाई

नमस्कार दोस्तों मैं आशीष आज आप सभी के सामने मेरी और मेरी पत्नी की कहानी लेकर आया हूं। इस कहानी में पढिए, किस तरह मैंने अपनी पत्नी की गांड चुदाई की।


हमारी शादी को चार साल हो चुके थे, लेकिन अब तक मेरी पत्नी ने मुझे उसकी गांड पर हाथ तक फेरने नही दिया था। मैं पहले आप सभी को मेरी पत्नी के बारे में बता देता हूं, मेरी पत्नी का नाम आयशा है।


आयशा का रंग गोरा है, और वो मुझसे दो साल छोटी है। आयशा के चुचियों का साइज ३६ बी है, और उसकी गांड ३६ की है। आयशा की कमर पतली होने के कारण उसकी ३६ की गांड बाहर को उठी हुई लगती है।


जिसे देखकर बार बार मेरा मन मचल जाता है। शादी के बाद मैंने बहुत बार उसे गांड मरवाने के लिए राजी करने की कोशिश की, लेकिन वो कभी नही मानी।


शादी से पहले उसके किसी एक बॉयफ्रेंड ने उसकी गांड चुदाई की थी, उस समय उसे बहुत ज्यादा दर्द हुआ था। इसी वजह से वो गांड चुदाई से अब तक डरती है।


लेकिन मुझे तो उसकी गांड गजब लगती थी, जब भी मैं उसकी गांड देखता मेरा मन करता कि, साली को यहीं पटककर इसकी गांड में बेरहमी से अपना लण्ड घुसा दूं।


मैंने उसे मनाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वो मानती ही नही थी। आखिरकार शादी के बाद, चौथे साल में जाकर उसने मेरी बात मान ली।


कहते है ना, भगवान के घर में देर है, अंधेर नही। अचानक मुझे यह कहावत याद आ गई। मैं बहुत खुश हो गया था। चलो अब मैं सीधे कहानी पर आता हूं।


तो हमारी शादी की तीसरी सालगिरह थी, मैंने उसके लिए एक साडी और डिज़ाइनर ब्रा, पैंटी खरीद कर रखे थे। सालगिरह वाली रात, मैं उसे बाहर खाने के लिए ले गया, वहां हमने केक काटा।


फिर खाना खाकर कुछ रोमांटिक बातें करने के बाद, हम दोनों वहां से खुशी खुशी निकल गए। लेकिन मैं तो आज उसकी गांड मारना चाहता था, मैंने यह सब उसी लिए तो किया था।


घर जाते ही मैंने आयशा की आंखों पर पट्टी बांध दी, और उसे अपने बेडरूम में ले जाकर उसे उसके लिए लाए हुए गिफ्ट्स दिए। फिर अपने कमरे की सारी बत्तियां बुझाकर मैंने धीमी रोशनी वाली बत्ती जला दी।


अब पूरा माहौल रोमांटिक हो चुका था, तो मैंने उसके आंखों से पट्टी को हटा दिया। आयशा यह सब इंतजाम देखकर बहुत खुश हो गई।


सबसे पहले वो मेरी तरफ मुडकर मुझसे बोली, “यह सब तुमने कब किया? मैं तुमसे काफी प्रभावित हो गई।”


मैंने उससे कहा, “तुम बस इस पल का मजा लो।”


फिर उसने गिफ्ट्स देखें, और बहुत खुश हो गई। क्योंकि यह वही साडी थी, जो उसे पिछले साल से चाहिए थी।


सबकुछ देखने के बाद, वो मेरी तरफ बढी, और मुझसे कहा, “आज तुम्हें मुझसे क्या चाहिए? आज तुम जो भी मांगोगे, मैं मना नही करूंगी।”


अब मेरी बारी आ चुकी थी, लेकिन मैंने उससे कहा, “छोडो भी, तुम नही कर पाओगी।”


इतना कहकर मैं बिस्तर पर जाकर बैठ गया। आयशा मेरे पास आकर बैठते हुए बोली, “तुम बताओ तो क्या करना है? मैं आपके लिए इतना तो कर ही सकती हूं।”


तो मैंने उससे कहा दिया कि, “न जाने कबसे मैं तुम्हारी गांड के पीछे पडा हूं, आज मेरी यह ख्वाहिश पूरी कर दो।”


तो उसने थोडी देर सोचकर कहा, “ठीक है, आज तुम्हारी हर एक इच्छा पूरी होगी।”


इतना कहकर वो मैंने गिफ्ट किए हुए ब्रा पैंटी लेकर बाथरूम में घुस गई। आयशा नहाकर बाहर निकली, तो मैं उसे देखता ही रह गया।


आयशा मस्त माल लग रही थी, उसने वही ब्रा पैंटी पहन लिया था, जो मैंने उसे अभी दिया था। उस ब्रा में से उसके आधे चुचे बाहर आने को बेताब थे, और पैंटी बस नाममात्र के लिए उसकी चुत को ढक रही थी।


जैसे ही वो पलटी, उसके दोनों चूतड नंगे मेरे सामने थे। वो मनमोहक अदाकारी दिखाते हुए मेरे पास आई, और मुझे भी फ्रेश होकर आने के लिए कहा।


मैं भी तुरंत बाथरूम में घुसा और नहाकर नग्न अवस्था में ही बाहर आ गया। मेरे नहाकर बाहर आने तक आयशा ने सब इंतजाम कर रखा था।


उसने अपने पास वैसलीन, और दूसरी एक क्रीम भी ले रखी थी, जिससे थोडी चिकनाई बनी रहे। मैंने अपने बदन को पोंछकर फिर उसके पास जाकर बिस्तर पर बैठ गया।


मेरे बैठते ही उसने मेरे सर को पकडते हुए, अपने नशीले होंठ मेरे होंठों पर रख दिए। अब मैं उसके नशीले होठों को चूम रहा था, और वो मेरे पूरे बदन पर अपने हाथ घुमा रही थी।


मैंने अब आगे बढते हुए उसके चुचियों को ब्रा के ऊपर से ही मसलना शुरू किया। कुछ देर बाद, मैंने उसके दोनों चुचियों को ब्रा कप के ऊपर से निकाल लिया। अब उसकी दोनों चुचियां मेरे मुंह के सामने थी, तो मैं उन्हें अपने मुंह में भरकर चूसने लगा।


आयशा की चुचियां चूसने के साथ ही, मैं उसकी चुत और गांड पर भी हाथ फेर रहा था। मेरे ऐसा करने से वो और भी उत्तेजित हो रही थी। अब मैंने उसकी ब्रा के हूक खोलते हुए उसको ब्रा से आजाद कर दिया।


ब्रा निकालने के बाद, मैं उसकी पैंटी की तरफ बढा। मैं नीचे की ओर बढते ही, आयशा उल्टी होकर लेट गई। जिससे उसकी गांड अब ऊपर की तरफ हो गई, और मेरे सामने अब उसके गोरे चूतड थे।


मैंने उसके दोनों चूतडों को चूमते हुए उसकी पैंटी को धीरे से नीचे की ओर खिसकाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में मैंने उसकी पैंटी निकालकर आयशा को भी पूरी तरह से नंगी कर दिया।


मैंने फिर उसके चूतड़ों को सहलाते हुए उसकी गांड में एक उंगली डालने की कोशिश की, लेकिन गांड बहुत ही टाइट थी। आयशा ने तुरंत ही वैसलीन को मेरी तरफ बढा दिया।


मैंने अब वो क्रीम अपने हाथ पर लेकर एक उंगली से उसे आयशा की गांड के छेद के आसपास लगाने लगा। धीरे धीरे करके मैंने आयशा की गेंद के छेद में एक उंगली घुसाकर अब अंदर की ओर से, क्रीम लगाने लगा।


थोडी देर में अब उसकी गांड का छेद पूरी तरह से चिकना हो चुका था। तो अब मैंने उसके हाथ में क्रीम देकर उसे अपने लण्ड पर लगाने के लिए कहा। मेरे कहे अनुसार आयशा ने मेरे पूरे लण्ड को क्रीम में भिगो दिया।


उसके बाद मैंने एक बार उसके होठों को चूमते हुए, उसे बिस्तर पर उल्टी करके लिटा दिया। फिर आयशा की कमर के नीचे मैंने एक तकिया रखा, जिस वजह से उसकी गांड थोडी ऊपर को उठ आई।


अब आयशा की गांड का छेद पूरी तरह खुलकर मेरे सामने था। ऊपर से तो उसकी गांड का छेद पूरी तरह गुलाबी लग रहा था, मैंने उसके चूतड़ों को चूमते हुए उसकी गांड के छेद पर अपना लण्ड रख दिया।


मैंने बिना धक्का मारे, सिर्फ दबाव डालकर अपना लण्ड अंदर घुसेडने की कोशिश की, लेकिन लण्ड फिसलकर बाहर निकल आया।


तो मैंने आयशा से कह दिया, “थोडा दर्द सहन कर लेना, मैं आराम से ही लण्ड डाल रहा हूं।”


इतना कहकर मैंने अपने लण्ड को सेट किया और एक जोरदार धक्के के साथ मेरे लण्ड का टोपा उसकी गांड में घुस गया। जैसे ही टोपा अंदर घुसा, आयशा अपने पैर पटकने लगी, उसे बहुत दर्द हो रहा था।


लेकिन मैंने अपनी पकड उसपर बनाए रखी, तो वो मेरी पकड से खुद को छुडा नही पाई। फिर मैंने धीरे धीरे करके अपना पूरा लण्ड उसकी गांड में उतार दिया।


अब भी आयशा को दर्द हो रहा था, लेकिन मुझ पर तो उसकी गांड मारने का बहुत सवार था। मैं उसके दर्द की परवाह किए बिना उसकी गांड मारता रहा।


उसकी गांड कसी हुई होने के कारण मैं अधिक देर तक अपने आप को रोक नही पाया, और जल्द ही झड गया। मैंने अपना सारा वीर्य उसकी गांड में ही छोड दिया, जो कुछ देर में उसकी टांगों से होकर नीचे बहने लगा था।


तो दोस्तों यह थी मेरी बीवी की गांड चुदाई की कहानी। आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, हमें लिखकर जरूर बताइए। धन्यवाद।

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