गुलाबी चूत का मजा

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Antarvasna, hindi sex stories: मैं कोमल के साथ कॉफी शॉप में बैठा हुआ था जब मैं कोमल के साथ कॉफी शॉप में बैठा हुआ था तो उस वक्त रजत भी वहां पर आ गया। रजत जब वहां पर आया तो उसने हमें देखा वह इससे पहले कभी कोमल से नहीं मिला था जब रजत मेरे पास आया तो मैंने रजत को कोमल से मिलवाया। मैंने कोमल के बारे में किसी को भी कुछ नहीं बताया था कोमल और मेरा रिलेशन पिछले 6 महीनों से चल रहा था। कोमल और मेरी मुलाकात शादी समारोह में हुई थी और उसके बाद हम दोनों को एक दूसरे का साथ काफी अच्छा लगा और हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे। हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुश थे और मुझे भी कोमल का साथ काफी अच्छा लगता हम दोनों के बीच सब कुछ अच्छे से चल रहा था और हम दोनों एक दूसरे के साथ अपना जीवन बिताना चाहते थे लेकिन कोमल के काफी बड़े सपने थे जिस वजह से वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े शहर जाना चाहती थी। मैंने कोमल को कहा कि तुम जयपुर में रहकर भी तो काम कर सकती हो लेकिन कोमल मुझे कहने लगी कि नहीं मैं दिल्ली जाना चाहती हूं।


कोमल दिल्ली चली गई कोमल की नौकरी एक कंपनी में लग गई और वह अपनी मौसी के साथ ही रहने लगी कोमल की मौसी दिल्ली में ही एक कॉलेज में प्रोफेसर हैं और कोमल उनके साथ ही रहने लगी थी। कोमल से मेरी हमेशा फोन पर बातें होती थी लेकिन काफी समय से मैं कोमल से मिला नहीं था तो मैंने कोमल को कहा कि क्या तुम जयपुर नहीं आ रही हो तो वह मुझे कहने लगी कि नहीं अभी तो मेरा जयपुर आना मुश्किल है। मैंने कोमल से कहा कि मुझे लगता है कि मुझे दिल्ली आना पड़ेगा तो कोमल मुझे कहने लगी कि अगर तुम दिल्ली आ जाओ तो इससे बढ़कर क्या हो सकता है मेरा भी तुमसे मिलने का काफी मन है। मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं कोमल से मिलने के लिए दिल्ली चला जाऊं, मैं कोमल से मिलने के लिए दिल्ली जाना चाहता था लेकिन मेरे पास कोई वजह नहीं थी कि मैं दिल्ली जा पाऊं लेकिन फिर भी मैं कोमल को मिलने के लिए दिल्ली चला गया।


मैं जब कोमल को मिलने के लिए दिल्ली गया तो कोमल और मैं एक दूसरे से काफी समय बाद मिले हम लोग कुछ महीनों बाद एक दूसरे से मिलकर बहुत ही खुश थे। मैंने कोमल से उसकी नौकरी के बारे में पूछा तो वह मुझे कहने लगी कि मेरी नौकरी अच्छी चल रही है उसने मुझे कहा कि रोहन तुम भी दिल्ली क्यों नहीं आ जाते। मैंने कोमल को कहा कोमल लेकिन अपने परिवार से दूर रहना मेरे लिए इतना आसान नहीं होगा और तुम जानती ही हो की पापा का बिजनेस मैं ही देख रहा हूं और यदि मैं दिल्ली आ गया तो उनका काम कौन संभालेगा। कोमल कहने लगी हां रोहन तुम यह तो ठीक कह रहे हो कि तुम पापा का काम संभाल रहे हो और तुम्हारे ऊपर ही सारे काम की जिम्मेदारी है। मैं कोमल से उस दिन मिला और उसके अगले दिन ही मैं वहां से वापस जयपुर लौट आया मैं जब जयपुर वापस लौटा तो पापा और मम्मी ने मुझे कहा कि बेटा आज हमारे घर में तुम्हारे पापा के दोस्त आने वाले हैं। मैंने मम्मी से कहा कि मम्मी लेकिन वह लोग कब आएंगे तो मम्मी ने मुझे कहा बेटा आज तुम दुकान से जल्दी लौट आना तो मैंने उन्हें कहा ठीक है मम्मी मैं दुकान से आज जल्दी लौट आऊंगा। पापा उस दिन घर पर ही थे और वह अपने दोस्त से मिलने वाले थे उनके दोस्त जो कि इंग्लैंड में रहते हैं वह वहां पर काफी वर्षों से रह रहे हैं और पापा उनसे काफी वर्षों बाद मिलने वाले थे। जब शाम को मैं अपनी दुकान से घर लौटा तो वह भी घर पर आ चुके थे पापा ने मेरा परिचय अपने दोस्त से करवाया उनके दोस्त रविंद्र अंकल से मिलकर मैं काफी खुश था रविंद्र अंकल बहुत ही अच्छे और हंसमुख व्यक्ति हैं। रविन्द्र अंकल ने पापा से कहा कि रोहन ने तुम्हारे काम को पूरी तरीके से संभाल लिया है तो तुम कभी घूमने के लिए इंग्लैंड आ जाओ मैंने पापा से कहा कि रविंद्र अंकल ठीक कह रहे हैं पापा आपको कुछ समय के लिए इंग्लैंड चले जाना चाहिए। रविंद्र अंकल का परिवार भी उस दिन घर पर आया हुआ था उनका बेटा गौतम जिसकी उम्र भी मेरे उम्र के लगभग ही है मैं और वह साथ में बैठे हुए थे तो मुझे पता चला कि गौतम भी इंग्लैंड में अपना बिजनेस शुरू करने वाला है।



गौतम ने मुझसे बात की और बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में इंजीनियर है और अब वह अपना ही कारोबार शुरू करने वाला है मैंने गौतम से कहा कि तुमने यह बहुत अच्छा फैसला लिया। मै और गौतम काफी देर तक साथ में थे उस दिन हम सब लोगों ने साथ में डिनर किया और उसके बाद वह चले गए कुछ दिनों तक वह जयपुर में ही रहने वाले थे इसलिए पापा रविंद्र अंकल से मिलने के लिए चले जाया करते थे रविंद्र अंकल से मिलकर उन्हें काफी अच्छा लगता। एक दिन पापा और मैं रविंद्र अंकल के घर पर गए जब हम लोग उनके घर पर गए तो उस दिन वह घर पर अकेले ही थे रविंद्र अंकल ने पापा से कहा कि वह लोग कुछ दिन बाद इंग्लैंड वापस लौटने वाले हैं। पापा ने कहा की तुमसे इतने समय बाद मिलकर काफी अच्छा लगा रविंद्र अंकल कहने लगे तुम्हारी तरह मैं भी काफी खुश हूं। रविंद्र अंकल अपने पुराने दिनों की यादें ताजा करने लगे और फिर हम लोग अपने घर लौट आए थे कुछ समय बाद रविंद्र अंकल और उनका परिवार इंग्लैंड वापस लौट गए।


कोमल से मै काफी समय से मिल नहीं पाया था। कोमल कुछ दिनों के लिए जयपुर आई हुई थी जब कोमल जयपुर आई तो मैं कोमल से उस दिन मिलने के लिए गया। जब मै कोमल से मिला तो मैंने कोमल की तरफ देखा और उसे कहा कोमल कितने दिनों बाद तुमसे मुलाकात हो रही है तुमसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने यह कहते हुए उसका हाथ पकड़ लिया उस दिन शायद कोमल और मेरे लिए यह काफी अच्छा मौका था। कोमल मेरे साथ उस दिन सेक्स करने के पूरे मूड में थी हम दोनों इतने उत्तेजित थे कि हम दोनो साथ मे रहना चाहते थे। जब हम दोनों होटल मे साथ मे रुके तो मैने कोमल के बदन को महसूस करना शुरू कर दिया। मैंने जब उसकी जांघ पर हाथ रखा तो वह उत्तेजित होती जा रही थी। मैंने उसके स्तनों को भी दबाना शुरू कर दिया था मैंने उसके स्तनों को काफी देर तक दबाया जिससे कि वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो गई कि मुझे कहने लगी तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को जल्दी से डाल दो। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला उसने मेरे लंड को ऐसे चूसना शुरू किया जैसे कि मेरे लंड को पूरी तरीके से अपने अंदर ही निगल कर खा जाएगी। मेरे लंड को उसने बहुत देर तक चूसा मेरे लंड से पानी बाहर निकल चुका था। उसने अपने कपडे खोलते हुए मुझे कहा तुम भी मेरे बदन को अपना बना लो मैंने उसके गोरे स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया मै उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसता तो उसकी गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। वह मुझे कहने लगी तुमने मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढ़ा दिया है मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डालने का फैसला कर लिया था जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी तुमने तो मेरी चूत को पूरी तरीके से फाड़ कर रख दिया है। उसकी चूत के अंदर तक मेरा लंड जा चुका था मैं आपने आपको बिल्कुल भी नहीं रोक पा रहा था और ना ही वह अपने आपको रोक पा रही थी।


हम दोनों के लिए ही यह काफी ज्यादा अच्छा मौका था मेरा लंड उसकी चूत के अंदर तक जा रहा था उसकी योनि से खून निकलने लगा था। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत के अंदर से बहुत ज्यादा खून बाहर की तरफ को निकलने लगा है। मैंने उसे कहा क्या तुम्हें मजा नहीं आ रहा है? वह कहने लगी मुझे तो बहुत मजा आ रहा है लेकिन मुझे तुम घोड़ी बनाकर चोदो। मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू कर दिया मैंने जब उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह बहुत जोर से चिल्लाई उसकी चूत से अभी भी खून निकल रहा था। मेरा लंड उसकी चूत मे जा चुका था लेकिन मैं उसकी कोमल चूत को मारकर बहुत ज्यादा खुश था उसने अपनी चूतड़ों को मेरी तरफ किया हुआ था।


वह मुझे कहती आप मुझे और तेजी से धक्के मारो मैंने कोमल को बहुत तेजी से धक्के मारे। मै कोमल की चूत जिस प्रकार से मार रहा था उससे वह इतनी ज्यादा खुश हो गई थी कि मुझे कहने लगी तुमने मेरी चूत पूरी तरीके से फाड़ कर रख दी है। मैंने उसे कहा तुम्हारी चूत से अभी तक खून रूक ही नहीं रहा है मैंने उसकी चूतड़ों पर अपने हाथ से प्रहार किए तो उसकी गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी उसकी चूतड़ों का रंग लाल होने लगा था। उसकी गुलाबी चूत मार कर मैं बहुत खुश था वह इतनी तड़प रही थी वह मुझे कहने लगी मुझे तुमसे अपनी चूत मरवा कर अच्छा लग रहा है। मैंने कभी सोचा नहीं था तुम्हारा लंड इतना मोटा होगा मैंने कोमल को कहा मैंने भी तो तुम्हारी चूत मारकर आज अपनी इच्छा को पूरा कर लिया है कब से मैं तुम्हें चोदने की सोच रहा था लेकिन तुम्हें चोदने का मौका मुझे आज मिला।  मेरा वीर्य बाहर की तरफ आने वाला था मैंने कोमल को कहा मेरा वीर्य गिरने वाला है कोमल ने कहा तुम अपने वीर्य को जल्दी से गिरा दो। मैंने उसकी योनि के अंदर अपने वीर्य को गिरा दिया जिससे कि वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो गई जब मेरा वीर्य उसकी चूत मे गिरा तो वह संतुष्ट हो चुकी थी और मैं भी बहुत ज्यादा खुश था।

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