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Friday, September 13, 2019

लंड सो चुका था

लंड सो चुका था


Antarvasna, hindi sex stories:


Lund so chuka tha मेरे पति अक्सर काम के सिलसिले में बाहर ही रहते थे मेरी शादी को 5 वर्ष हो चुके हैं और मैं घर में अकेले बोर हो जाया करती थी। मेरे पति और मैं मुंबई में रहते हैं हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश हैं मेरे पति मेरा बहुत ध्यान रखते हैं लेकिन कई बार वह अपने ऑफिस की मीटिंग से बाहर होते हैं इस वजह से मैं घर में अकेली बोर हो जाया करती हूं। कुछ समय पहले ही मेरे साथ कॉलेज में पढ़ने वाली मेरी सहेली शालिनी के पति का भी ट्रांसफर मुंबई में हो चुका था जिस वजह से मैं शालिनी से मिलने के लिए अक्सर उसके घर चली जाया करती थी। जब भी मेरे पति घर पर नहीं होते तो मैं शालिनी के पास ही चली जाती थी मेरा शालिनी के साथ समय भी कट जाया करता था। शालिनी ने एक दिन मुझे कहा कि अवंतिका तुम कोई जॉब क्यों नहीं कर लेती मैंने शालिनी से कहा तुम्हें तो पता ही है कि मैं जॉब तो करना चाहती हूं लेकिन गौरव घर से ज्यादातर बाहर ही रहते हैं इसलिए मैं जॉब भी नहीं कर सकती शालिनी मुझे कहने लगी कि अवन्तिका यह तो तुम ठीक कह रही हो।


शालिनी भी मुझसे मिलने के लिए मेरे घर पर आती ही रहती थी हम दोनों कभी कबार खाली समय में शॉपिंग करने भी चले जाते थे एक दिन गौरव अपने ऑफिस से जल्दी घर लौट चुके थे तो मैंने गौरव से कहा आज आप काफी खुश नजर आ रहे हैं। गौरव ने मुझे बताया कि अवंतिका खुशी की बात तो है ही क्योंकि मेरा प्रमोशन हो चुका है और मैं काफी समय से सोच रहा था कि मेरा प्रमोशन कब होगा तो आखिर मेरा प्रमोशन हो ही गया मैं इस बात से बहुत खुश हूं। उस दिन गौरव ने मुझे कहा कि अवंतिका आज हम लोग कहीं बाहर डिनर के लिए चलते हैं तो मैंने गौरव से कहा कि हां आज हम लोग कहीं डिनर के लिए चलते हैं और उस दिन हम लोग डिनर के लिए गए। काफी समय बाद गौरव को मेरे साथ इतना अच्छा समय बिताने का मौका मिला था गौरव मुझसे कहने लगे कि अवंतिका तुम मेरे साथ शादी कर के खुश तो हो ना, मैंने गौरव से कहा लेकिन आज आप मुझसे यह कैसी बात पूछ रहे हैं तो गौरव ने मुझसे दोबारा यही सवाल पूछा और कहा अवन्तिका क्या तुम मुझसे शादी कर के खुश हो। मैंने गौरव से कहा हां मैं आपके साथ शादी कर के खुश हूं और मुझे आपके साथ कोई भी परेशानी नहीं है।


जब मैंने गौरव को यह बात कही तो गौरव कहने लगे कि अवंतिका मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और तुम जब से मेरी जिंदगी में आई हो तब से मेरी जिंदगी पूरी तरीके से बदल चुकी है। गौरव अपना प्रमोशन होने से काफी खुश थे और उस दिन हम लोगों ने साथ में डिनर किया फिर हम लोग घर लौट आये। जब हम लोग घर लौटे तो उस वक्त मुझे शालिनी का मैसेज आया मैंने शालिनी का मैसेज काफी देर बाद देखा मैंने उसे रिप्लाई किया तो शालिनी मुझे कहने लगी कि अवंतिका क्या कल तुम मेरे घर पर आ जाओगी। मैंने शालिनी से कहा हां मैं कल तुम्हारे घर पर आ जाऊंगी अब मैंने अपने फोन को मेज पर रखा तो गौरव मुझे कहने लगे कि अवंतिका तुम किस से बात कर रही थी। मैंने गौरव से कहा मुझे शालिनी का मैसेज आया था वह कल मुझे घर पर बुला रही है गौरव ने मुझसे पूछा कि शालिनी कैसी है शालिनी से काफी समय हो गया है मैं मिला भी नहीं हूं। मैंने गौरव को कहा कि शालिनी तो अच्छी है और वह आपके बारे में भी मुझसे पूछती रहती है गौरव मुझे कहने लगे कि अवंतिका मुझे काफी नींद आ रही है मैं अब सो रहा हूं। गौरव सो चुके थे लेकिन मुझे अभी भी नींद नहीं आ रही थी इसलिए मैं अभी तक उठी हुई थी मै काफी देर बाद सोई। अगले दिन जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि गौरव ऑफिस के लिए तैयार हो रहे थे मैंने गौरव को कहा गौरव आपने मुझे उठाया क्यों नहीं तो गौरव मुझे कहने लगे कि अवंतिका मुझे लगा कि तुम्हें उठाना ठीक नहीं है। मैंने गौरव को कहा कि मैं अभी आपके लिए नाश्ता बना देती हूं मैंने जल्दी से गौरव के लिए नाश्ता बनाया और गौरव नाश्ता कर के अपने ऑफिस के लिए चले गए मैं भी तैयार होने लगी क्योंकि मुझे शालिनी से मिलने के लिए जाना था। मैं जब तैयार होकर शालिनी के घर के लिए निकली तो मैं जिस ऑटो में शालिनी के घर जा रही थी उस ऑटो का टायर रास्ते में पंचर हो गया इसलिए मुझे दूसरे ऑटो में शालिनी के घर जाना पड़ा। मैं शालिनी के घर पहुंची और मैंने जब उसके घर की डोर बेल बजाई तो उसने दरवाजा खोला जैसे ही शालिनी ने दरवाजा खोला तो शालिनी मुझसे कहने लगी कि आओ अवन्तिका मैं तुम्हारा ही इंतजार कर रही थी।


मैंने शालिनी को कहा रास्ते में ऑटो का टायर पंचर हो गया था जिस वजह से मुझे आने में देर हो गई तो शालिनी कहने लगी कोई बात नहीं। हम दोनों घर पर अकेले थे इसलिए उस दिन हम लोगों ने सोचा कि क्यों ना हम लोग मूवी देखने के लिए चले जाएं और उस दिन हम दोनों मूवी देखने के लिए चले गए। मूवी देखने के बाद जब हम लोग घर वापस लौटे तो मुझे काफी देर हो चुकी थी मैंने शालिनी को कहा अब मैं चलती हूं। शालिनी कहने लगी ठीक है अवंतिका मैं तुमसे मिलने के लिए कुछ दिनों में तुम्हारे घर आऊंगी मैंने उससे कहा ठीक है। मैंने शालिनी को कहा अभी मैं चलती हूं मुझे बहुत देर हो रही है और मैं जल्दी से शालिनी के घर से निकल गयी। मैं जैसी ही लिफ्ट में पहुंची तो वहां पर एक लड़का पहले से ही खड़ा था हम लोग लिफ्ट का इंतजार कर रहे थे। वह मेरी तरफ बार-बार देख रहा था मैंने सोचा उससे मैं बात करूं हम लोग जब लिफ्ट में गए तो उस वक्त हम दोनों ही उस लिस्ट में थे। मैंने उससे हाथ मिलाते हुए अपना नाम बताया तो उस लड़के ने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम सुरेश है। वह दिखने में बहुत ही हैंडसम था जिस वजह से मैं उसकी तरफ आकर्षित हो गई थी।


मैंने सुरेश से कहा क्या तुम यही रहते हो वह कहने लगा मैं यहीं रहता हूं। मैंने सुरेश का नंबर ले लिया और उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे से मिलने लगे। मुझे सुरेश के साथ मिलना अच्छा लगने लगा था हालांकि मुझे यह भी ध्यान था कि मैं शादीशुदा हूं गौरव के साथ मैं खुश हूं लेकिन कहीं ना कहीं गौरव के साथ मेरी इच्छाएं पूरी नहीं हो पा रही थी इसलिए मैं सुरेश से अपनी सारी इच्छाएं पूरी करवाना चाहती थी मैं इस बात के लिए बहुत ज्यादा तड़प रही थी। वह भी मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार था मुझे सुरेश ने जब अपने घर पर बुलाया तो मैं उसके घर पर चली गई। हम दोनों एक दूसरे को देखकर बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो रहे थे मैंने सुरेश की पैंट की चैन को खोलते हुए उसके लंड को बाहर निकाला जब मैंने उसके मोटे लंड को देखा तो मैंने तुरंत ही उसे हाथ मे ले लिया और हाथ मे लेती ही हिलाना शुरू किया। सुरेश मुझे कहने लगा तुम इसे अपने मुंह में ले लो। मैंने उसके लंड को लपकते हुए अपने मुंह में ले लिया और बड़े अच्छे से मैं उसके मोटे लंड को अपने मुंह में लेने लगी। उसके लंड की लंबाई करीब 9 इंच थी और मोटाई 5 इंच उसके मोटे और लंबे लंड को मै मुंह मे ले रही थी तो मेरी चूत से भी पानी निकालने लगा था। सुरेश ने मुझे अब अपनी बाहों मे ले लिया था वह मुझे अपनी गोद में उठाते हुए वहां से मुझे बिस्तर पर ले गया। अब हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे वह मेरे बदन को बड़े ही अच्छे से महसूस कर रहा था और उसने जब मेरे ब्लाउज को उतार कर मेरे स्तनों पर अपने हाथों का स्पर्श किया तो मुझे बहुत अच्छा लगा। उसने अब मेरी ब्रा के हुक को भी खोल दिया था मैं उसके सामने नंगी थी। मैं जब अपने स्तनों की तरफ देख रही थी तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था मैंने उसके लंड को अपने मुंह मे दोबारा ले लिया। वह भी अब मेरे होठों को चूमने लगा था जब वह ऐसा कर रहा था तो मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ को निकलने लगा मै बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो रही थी।


सुरेश ने मुझे कहा मुझे अब तुम्हें चोदना है क्योंकि सुरेश का लंड पूरी तरीके से कठोर हो चुका था और वह मेरी चूत में जाने के लिए बहुत ही ज्यादा बेताब था। मैं उसके लंड को अपनी चूत मे लेने के लिए बेताब थी। मैंने अपने पैरों कोको लिया मैंने अपने पैरों को खोल को खोला तो सुरेश ने मेरी चूत के अंदर अपने मोटे लंड को सटाया और जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गई और मुझे बहुत अच्छा लगने लगा। मैं अब अपने पैरों को खोलने लगी थी जिससे कि सुरेश का मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा सके उसका लंड लगातार तेजी से अंदर बाहर हो रहा था। मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी मेरी गर्मी इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैंने सुरेश को कहा मेरी गर्मी तुमने पूरी तरीके से बढा दी है।


मैंने अपनी चूतडो को थोड़ा सा ऊपर किया तो सुरेश का लंड मेरी चूत के अंदर जाने लगा था मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि उसका लंड मेरी चूत के अंदर तक पूरी तरीके से जाने लगा है। जिसके बाद हम दोनों ही बहुत ज्यादा खुश थे मैं सुरेश के साथ अपनी चूत मरवाकर बड़ी खुश थी और सुरेश भी बहुत ज्यादा खुश हो रहा था। हमारी खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही क्योंकि सुरेश का गरमा गरम वीर्य मेरी चूत के अंदर गिरने को तैयार था। जब उसने मुझे तेजी से झटका मारा तो झटका मारते ही उसका वीर्य मेरी चूत के अंदर गिर गया। उसने मुझे कहा अवंतिका बहुत मजा आ गया। उसका लंड ढीला हो चुका था। मैंने अपनी चूत को साफ करते हुए कहा मैं तुमसे मिलने दोबारा आऊंगी वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गया और कहने लगा हां मैं तुम्हारा इंतजार करूंगा। मैं अपने घर वापस लौट आई।



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