वह पहला स्पर्श

WNOT ALL CONTENTS IS OURS https://www.clickway.com.np
PLEASE VISIT AGAIN FOR MORE

वह पहला स्पर्श


Antarvasna, kamukta”


Wah pahla sparsh मैं अपने भैया के पास कुछ दिनों के लिए गया हुआ था क्योंकि मेरे कॉलेज की पढ़ाई हो चुकी थी इसलिए भैया चाहते थे कि कुछ दिनों के लिए मैं उनके साथ ही रहूं तो मैं कुछ दिनों के लिए भैया और भाभी के साथ ही बेंगलुरु में रहने के लिए चला गया। मै चंडीगढ़ का रहने वाला हूं और बेंगलुरु में मेरा कोई भी दोस्त नहीं था लेकिन जब मेरी दोस्ती हमारे पड़ोस में रहने वाले संजय के साथ में हुई तो मैं संजय के साथ काफी घुलने मिलने लगा संजय और मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई थी। कुछ समय तक भैया भाभी के साथ रहने के बाद भैया ने एक दिन मुझे कहा कि संजय तुमने आगे क्या सोचा है तो मैंने भैया से कहा भैया मैं तो चंडीगढ़ में ही रहना चाहता हूं। भैया मुझे कहने लगे कि लेकिन तुम चंडीगढ़ में रह कर क्या करोगे तुम यही अपने लिए कोई नौकरी देख लो। भैया और भाभी दोनों ही जॉब करते हैं, भैया और भाभी की शादी को हुए 2 वर्ष हो चुके हैं जब भैया की शादी हुई तो उसके बाद भैया बेंगलुरु रहने के लिए ही आ गए थे।


भैया और भाभी की मुलाकात दिल्ली में जॉब करने के दौरान हुई फिर दोनों ने शादी करने का फैसला किया और भैया ने जब इस बारे में घर पर कहा तो पापा को भी इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं थी पापा ने भैया की शादी के लिए रजामंदी दे दी थी और भैया और भाभी की शादी हो गई। इन दोनों की शादी होने के बाद वह लोग बेंगलुरु आ गए और बेंगलुरु में ही नौकरी करने लगे भैया के कहने पर मैं भी इंटरव्यू देने के लिए जाने लगा था। हालांकि मेरी कंपनी में जॉब भी लग चुकी थी लेकिन उसके बावजूद मैं  बेंगलुरु में ज्यादा समय तक नहीं रहा क्योंकि पापा ने मुझे घर पर बुला लिया था पापा चाहते थे कि मैं उनके साथ ही घर पर रहूं इसलिए मैं चंडीगढ़ चला आया। मैं अब चंडीगढ़ में ही पापा मम्मी के साथ रहने लगा था चंडीगढ़ में पापा स्कूल में टीचर हैं और जल्द ही वह स्कूल से रिटायर होने वाले थे तो पापा ने मुझे कहा कि रोहन बेटा मैं अब जल्द ही रिटायर होने वाला हूं।


पापा चाहते थे कि मैं उन्हीं के साथ चंडीगढ़ में ही रहूं इसलिए मैं चंडीगढ़ में ही अपने लिए नौकरी तलाशने लगा और चंडीगढ़ की ही एक कंपनी में मैं जॉब करने लगा। वहां पर मुझे जॉब करते हुए करीब 5 महीने हो चुके थे और इस बीच भैया और भाभी भी काफी समय बाद घर पर आए थे वह लोग काफी कम ही घर पर आते हैं लेकिन इतने समय बाद जब भैया और भाभी घर पर आए थे तो भैया और भाभी से पापा मम्मी मिलकर बहुत खुश थे। भैया ने मुझे कहा कि रोहन मैं तुम्हें कह रहा था कि तुम बेंगलुरु में ही मेरे साथ नौकरी कर लो मैंने भैया को कहा भैया लेकिन पापा मम्मी भी तो यहां अकेले हो जाते इसलिए मैंने यहां जॉब करना ठीक समझा। भैया और भाभी कुछ दिनों तक घर पर रहे और फिर वह लोग बेंगलुरु चले गए एक दिन मैं अपने ऑफिस से घर लौट रहा था तो उस दिन हमारी कॉलोनी के बाहर ही कुछ लड़के आपस में झगड़ रहे थे मैं उन लड़कों को अक्सर वहां पर देखा करता था तो उस दिन मैंने उन लोगों से पूछा कि तुम लोग यहां पर क्यों झगड़ रहे हो तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया और वह लोग वहां से चले गए। मैं भी उसके बाद घर वापस लौट आया मैं जब घर वापस लौटा तो मां ने मुझे कहा रोहन बेटा तुम काफी थके हुए नजर आ रहे हो मैंने मां से कहा हां मां मैं आज काफी थका हुआ हूं क्योंकि ऑफिस में आज कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मुझे ऑफिस से आने में भी आज देर हो गई। मां ने मुझे कहा कि बेटा मैं तुम्हारे लिए अभी गरमा गरम चाय बना कर लाती हूं मैंने मां से कहा हां मां मेरा चाय पीने का काफी मन है आप मेरे लिए चाय बना दो। मां ने मेरे लिए चाय बनाई और मैं अब चाय पी रहा था तो मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा था ऑफिस में कुछ ज्यादा ही काम था इसलिए मैं कुछ दिनों से कुछ ज्यादा ही थक जाता था। ऑफिस से जब मैं घर लौटता तो मैं अपने आप को बहुत ही ज्यादा थका हुआ महसूस करता मैंने एक दिन पापा से कहा कि पापा मैं चाहता हूं कि मैं अपना कोई बिजनेस शुरू करूं। जब मैंने पापा से यह बात कही तो पापा ने मुझे कहा कि रोहन बेटा अगर तुम अपना कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हो तो मैं तुम्हारी मदद करने के लिए तैयार हूं। पापा के यह कहने पर मैं काफी खुश हूं और मैंने पापा से कहा कि पापा अगर आप मेरी मदद करने के लिए तैयार है तो इससे बढ़कर मेरे लिए खुशी की बात क्या हो सकती है।


पापा ने ही मेरी मदद की मैंने पापा की मदद से एक शोरूम खोल लिया था मैंने कपड़ों का एक शोरूम खोल लिया था और मेरा काम भी अच्छा चलने लगा था मैं अपने काम से काफी खुश था और सब कुछ बहुत ही अच्छा चल रहा था। मेरे जीवन में अब किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं थी मैं बहुत ही ज्यादा खुश था और एक दिन मैंने पापा से कहा कि पापा मुझे कुछ दिनों के लिए भैया भाभी के पास जाना है। पापा कहने लगे कि हां बेटा तुम कुछ दिनों के लिए अपने भैया भाभी के पास चले जाओ और फिर मैं कुछ दिनों के लिए बेंगलुरु चला गया। उस दौरान भाभी ने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी भाभी उस दिन बाथरूम से नहाकर बाहर निकली थी। मै सोफे मे बैठा हुआ था वह जब मेरे पास आई तो वह मुझे कहने लगी रोहन आज मैं अपनी सहेली से मिलने के लिए जा रही हूं। मैंने भाभी से कहा ठीक है भाभी। वह तैयार होने के लिए अपने रूम में चली गई जब वह अपने रूम में तैयार हो रही थी तो उन्होने कमरे के दरवाज़े की कुंडी नहीं लगाई।


जैसे ही मैं उनके रूम में गया तो वह तैयार हो रही थी उन्होंने पैंटी पहनी हुई थी उन्होंने काले रंग की पैंटी पहनी हुई थी उस मे उनकी चूतडे साफ दिखाई दे रही थी। मैं यह देख कर बाहर आ गया उन्होंने मुझे देख लिया था वह अपने कपड़े पहनते ही बाहर आई और कहने लगी मैंने तुमसे कहा था मैं कपड़े चेंज कर रही हूं। मैंने भाभी से कहा मुझे माफ कर दीजिए वह मेरे पास आकर बैठी और उन्होंने मुझे कहा वैसे तुम अब जवान हो चुके हो तुम्हे भी शादी कर लेनी चाहिए। मैंने भाभी से कहा लेकिन भाभी अभी तो मेरा शादी करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने मुझसे पूछा क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है मैंने उन्हें कहा नही मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है। वह मेरे पास आकर बैठी और अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाने लगी जब वह ऐसा कर रही थी तो मेरा लंड एकदम से कठोर होने लगा था। मुझे ऐसा महसूस हो रहा था कि मेरा लंड मेरी पैंट को फाड़कर बाहर ही आ जाएगा। उन्होंने मेरे लंड पर अपने हाथ को लगाया तो मेरा लंड बाहर की तरफ आने लगा था उन्होंने उसे बाहर निकाला तो वह एकदम से तन कर खड़ा था। मेरा लंड खड़ा था उन्होंने उसे अपने हाथों में लिया तो यह किसी महिला का पहली बार स्पर्श था यह पहला ही मौका था जब कोई महिला ने लंड को छुआ था। मैंने उन्हें कहा भाभी आप तो बहुत ही गरम माल है। वह मुझे कहने लगी चलो हम लोग बेडरूम में चलते हैं और हम दोनों बेडरूम में चले गए। जब हम लोग बेडरूम में गए तो उन्होंने मेरे लंड को मुंह के अंदर ऐसे लिया जैसे कि वह भैया का लंड हर रोज अपने मुंह में लेती हो काफी देर तक उन्होंने मेरे लंड को चूसा। जब उन्होंने मुझे कहा तुम्हारा लंड तो तुम्हारे भैया से भी मोटा है तो मैं इस बात से बहुत ही खुश हो गया। मैंने उन्हें बिस्तर पर लेटाया और उनके होंठों को चूमना शुरू किया जब मैं ऐसा कर रहा था तो वह मुझे कहने लगी तुम मेरे होठों को बस चूमते ही रहो।


मैं उनके होठों को बड़े ही अच्छे तरीके से चूस रहा था जिससे कि उनके बदन की आग लगातार बढ़ती ही जा रही थी। जब मैंने उनकी पैंटी के अंदर से उनकी चूत को सहलाना शुरु किया तो उनकी चूत से पानी बाहर की तरफ निकाल रहा था वह मुझे अपनी ओर खींच रहा था और मुझे ऐसा लगने लगा मैं भाभी की चूत जल्दी से जल्दी मार लू क्योंकि मैं शायद अपने आपको रोक नहीं पा रहा था और मेरे अंदर की गर्मी अब इस कदर बढ़ चुकी थी कि मैं जल्दी से भाभी की चूत के अंदर लंड डालना चाहता था और अपनी आग को बुझाना चाहता था मैंने ऐसा ही किया। मैंने जैसे ही भाभी की चूत पर लंड को सटाया तो भाभी मुझसे कहने लगी मैं तड़प रही हूं मैं भी बहुत ज्यादा तड़प रहा था। मैंने उनको धक्का देते ही भाभी की चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो उनकी चूत की दीवार खुल गई और मेरा लंड उनकी चूत के अंदर तक चला गया। मेरा लंड जैसी ही भाभी की चूत के अंदर गया तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और उनके मुंह से ना जाने कैसी कैसी आवाजे निकल रही थी।


पहली बार ही मेरा लंड किसी महिला की चूत मे गया था तो मेरे लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा ही था भाभी इतनी ज्यादा जबरदस्त माल है मुझे कभी पता ही नहीं था। उनका गोरा बदन उनके कपड़ों से ढका रहता था इसलिए मैं कभी उन्हें ऐसे देखे नहीं पाया था जब मेरा लंड उनकी चूत मे जाता तो मुझे मजा आता। मैने अपनी पूरी ताकत के साथ उनकी चूत पर प्रहार करना शुरू किया जब मैं  उनकी योनि के अंदर बाहर लंड को कर रहा था तो वह बहुत ज्यादा गर्म होने लगी थी। मैंने जब उनकी कमर को पकड़ा तो उन्होंने भी अपने पैरों को खोल लिया मैं उन्हें धक्के देने लगा काफी देर तक ऐसे ही मैं उनको चोदता रहा। जब वह मुझे अपने दोनों पैरों के बीच में जकडने लगी तो उन्होंने कहा रोहन मै संतुष्ट हो चुकी हू। उन्होंने यह बात कही तो मैंने भाभी को और भी तीव्रता से चोदना शुरू किया। थोड़ी देर बाद मैंने अपने वीर्य को उनकी चूत के अंदर ही उड़ेल दिया जिससे कि वह बड़ी खुश हुई।



Comments are closed.

PLEASE HELP US WITH ADS IF YOU WANT REAL MEET JUST TEXT OR CALL US +1-984-207-6559
NO COPYRIGTH CLICK CLAIM FROM US.SOME OF THEM FROM OTHERS SITES https://CLICKWAY.COM.np
Please Do Not Use Any ADS Blocker . THANK YOU

No comments

Powered by Blogger.