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Saturday, August 10, 2019

बहन की दोस्त से चुदाई

सभी पाठकों को मेरी तरफ से सप्रेम नमस्कार। मेरा नाम विशाल है, मेरी उम्र अभी २६ साल की है। मै अभी अपने कॉलेज के आखरी साल की पढाई कर रहा हूं।


इस कहानी में पढिए किस तरह से मैंने अपनी बहन की सहेली को चोदा। कहानी से पहले मैं आप सभी को अपने बारे में बता देता हूं।


मेरा कद साधारण है, लेकिन जिम जाने की वजह से मेरा शरीर किसी पहलवान की तरह है। मेरे घर में मैं, मेरी बहन सीमा और माता-पिता रहते हैं। मां-पापा का कमरा नीचे है, मेरा और सीमा का कमरा पहली मंजिल पर है।


पिछले साल ही सीमा ने मुझे अपने जाल में फंसाकर मुझसे अपनी बुर चुदवाई थी। उसके बाद से हम दोनों लगभग रोज ही रात को चुदाई का खेल खेलते है। सीमा और मेरी कहानी फिर कभी आपके सामने रखूंगा।


आज मैं आपको सीमा के एक दोस्त के साथ मेरी चुदाई किस तरह से सफल हुई यह बताने जा रहा हूं। सीमा के जन्मदिन पर उसकी सारी सहेलियां घर आई हुई थी।


अचानक मेरी नजर उसके एक दोस्त पर पडी, और मैं उसे देखते ही रहा। अपनी बहन सीमा से उसके बारे में पूछने पर पता चला कि, उसका नाम रानी है और वो भी एक नंबर की चुदक्कड है।


इसका मतलब मुझे आसानी से उसे चोदने का मौका मिल सकता है। यह सुनकर मैंने उस पर खुले आम कोशिश करने का फैसला कर लिया। उसके बाद मैं उससे बात करने के लिए मौका ढूंढ रहा था।


सीमा का केक काटने के बाद, मुझे रानी अकेले में मिल गई। मैंने बस उसके पास से गुजर रहा था, तो खुद उसी ने पहल करते हुए मुझसे पूछा, “आप ही सीमा के भाई विशाल हो ना?”


मैंने भी उसको हां कह दिया। तो वो आगे बोलने लगी, “आपकी बहुत तारीफ सुनी है हमने सीमा से, कभी हमें भी अपना जलवा दिखाओ तो हम मानें।”


यह क्या, मौका तो खुद मेरे पास सामने से चलकर आ रहा था। मैं इसे कैसे मना कर सकता था, मैंने भी कह दिया, “आप जब फ्री हो तब हमें याद कर लेना। हम आपकी सेवा में हाजिर हो जाएंगे।”


इतना बोलकर मैंने अपना हाथ आगे बढा दिया। उसने भी मुझसे हाथ मिलाते हुए अपना नाम रानी बताया और मुझसे मेरा नंबर ले लिया। उस दिन से हम दोनों की फोन पर बातें होने लगी।


शुरू में ही रानी सीधे चुदाई की बातों पर आ गई। अब मुझे यह तो पता था कि, यह अब आराम से चुत देगी। तो मैं कमरे का इंतजाम करने लगा।


कुछ दिनों बाद, मेरे घरवाले एक रिश्तेदार के यहां जाने वाले थे। तो उस दिन घर में मैं और सीमा ही रहने वाले थे। सीमा को मैंने पहले ही बोल रखा था रानी के बारे में, तो उसकी भी कोई चिंता नही थी।


तय दिन सुबह सुबह ही मां-पापा घर से निकल लिए, तो मैं उस दिन सुबह उठकर अपने कमरे को सही से साफ कर दिया। अब सीमा को कॉलेज भेजने के बाद, मैं रानी के आने का इंतजार करने लगा था।


लगभग दस बजे मेरे घर की डोरबेल बजी, दरवाजा खोला तो सामने रानी खडी थी। मैंने उसे घर के अंदर लेकर दरवाजा बंद कर दिया।


सब इंतजाम मैंने पहले से ही करके रखा था, तो उसके आते ही मैंने उसे अपनी बाहों में भरकर चूमना शुरू कर दिया। रानी ने भी मुझे बिना रोके वो भी मेरा साथ दे रही थी।


वो आज गुलाबी रंग का टॉप और नील रंग की जीन्स पहनकर आई थी। मैंने उसके कपडे उतारने की कोई जल्दबाजी नही की। आज का पूरा दिन मेरे पास था, और मैं पूरे कायदे से इसको चोदना चाहता था।


मैंने फिर रानी को अपनी बाहों में उठाकर खुद के कमरे में ले आया। मेरे कमरे के एक दीवार की तरफ चिपकाकर मेरा बिस्तर है। मैंने उसे बिस्तर के एक कोने पर बिठाया, और खुद नीचे जमीन पर घुटनों के बल बैठ गया।


मैंने उससे कहा, “पहले कपडे निकालकर अलग रख देते है, वरना खराब हो जाएंगे।”


इस पर उसने भी सहमती दर्शाई। अब मैंने उसकी जीन्स का बटन खोलकर जीन्स को निकाल दिया। नीचे उसने डिज़ाइनर पैंटी पहनी हुई थी। उसने खुद ही अपना टॉप भी निकाल दिया, अब वो ब्रा और पैंटी पहने हुए ही थी।


मैंने भी अपनी लुंगी को निकालकर अलग रख दिया। मैंने अब उसके आस बैठते हुए उसके दोनों स्तनों पर अपने हाथ रखकर उन्हें मसलने लगा।


उसके दोनों स्तन बहुत ही मुलायम थे, लेकिन उसके निप्पल काफी बडे बडे लग रहे थे मुझे। मैंने थोडी ही देर में अपने हाथ पीछे ले जाकर उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। अब उसके स्तन मेरे सामने नग्न अवस्था मे थे।


मैं उन्हें बारी-बारी अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। रानी ने अब मेरे लण्ड को सहलाना चालू कर दिया था, और बीच बीच में वो मेरे अंडकोषों को भी सहला रही थी। तो अब मैंने भी अधिक देर करना उचित नही समझा।


और अगले ही पल मैंने झुककर उसकी पैंटी को भी निकाल दिया। अब उसकी नग्न चुत मेरी आंखों के सामने थी। उसकी चुत को देखकर पता लगाया जा सकता था कि, यह लड़की कितनी बडी चुदक्कड है।


मैंने उसकी चुत पर अधिक ध्यान न देते हुए, उसे उल्टा लिटाकर उसकी गांड के छेद में अपनी एक उंगली घुसा दी। थोडे ही दर्द के बाद, मैं उसकी गांड में आसानी के साथ अपनी उंगली को अंदर बाहर कर सकता था।


तो मैंने उससे पूछा, “तुम अब तक कितनों से चुद चुकी हो?”


तो उसने कहा, “क्या करें, आज तक कोई ऐसा लण्ड मिला ही नही जो मेरी चुत की खुजली को ढंग से मिटा सके।”


अब मैंने ज्यादा बात न करते हुए रानी की चुत चोदने पर ध्यान केंद्रित किया। मैंने अब अपने लण्ड को पीछे से उसकी चुत पर रखा और फिर एक धक्के के साथ अपने लण्ड को उसकी चुत में दाखिल कराया।


पहले ही धक्के में मेरा आधे से अधिक लण्ड उसकी चुत के अंदर था। मैंने फिर अपने हाथ आगे ले जाकर उसके उरोजों को मसलना जारी रखा, कुछ ही देर में उसे भी मजा आने लगा।


अब रानी भी पूरी तरह से मस्त होकर चुत चुदवाने लगी थी। जब मैं उसके उरोजों को छोड देता, तो वो खुद उन्हें मसलने लगती थी। थोडी देर पीछे से उसकी चुत चोदने के बाद, मैंने उसे सीधे लिटा दिया।


फिर उसके पैरों को फैलाते हुए खुद बीच में आ गया। अब इस पोजीशन में मैं उसकी चुत में लण्ड डालने के साथ साथ उसके उरोजों को भी अपने मुंह में लेकर चूस सकता था।


मैंने जल्दी से अपना लण्ड उसकी चुत में पेलते हुए अपने मुंह को उसकी चुचियों पर लगा दिया। थोडी ही देर बाद, रानी का शरीर अकडने लगा था, और वो मेरे बदन को कसकर पकडने लगी।


तभी उसकी चुत में से उसका कामरस बहने लगा। उसके झडने के बाद, वो मुझे लण्ड बाहर निकालने के लिए कहने लगी। लेकिन मैंने उस पर अपनी पकड बनाए रखी, और जोर जोर से उसे चोदने लगा।


दस बारह और धक्कों के बाद, मेरा भी वीर्य निकलने को था। तो मैंने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया, और उसके पेट पर अपने हाथ से लण्ड को मुठियाने लगा। वो मेरे नीचे लेटी हुई मेरी करतूत देख रही थी।


तभी मेरे लण्ड ने भी अपना वीर्य उसके पेट पर उडेल दिया। मेरे लण्ड से जो वीर्य की पहली पिचकारी निकली वो उसके गले तक गई, उसके बाद छह-सात लगातार पिचकारियों के साथ मैंने अपना पूरा वीर्य उसके बदन पर उडेल दिया।


उसके बाद, हमने अपने आप को साफ किया, फिर कपडे पहनकर वो मेरे घर से निकल गई। उसके बाद भी हमने काफी बार चुदाई की।


आपको मेरी यह कहानी कैसी लगी, हमें कमेंट करके जरूर बताइए। धन्यवाद।

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