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Wednesday, August 14, 2019

सहेली ने चूत की आग बढ़ा दी

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने कॉलेज जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी तो उसी वक्त मेरे साथ में पढ़ने वाली काजल भी बस स्टॉप पर आई और कहने लगी कि सुनैना तुम्हें यहां पर कितनी देर हो गई है। मैंने उसे बताया कि मुझे यहां पर करीब 10 मिनट हो चुके हैं लेकिन अभी तक बस नहीं आई है काजल कहने लगी कि कोई बात नहीं बस आ जाएगी और थोड़ी ही देर बाद बस आ गई। जैसे ही बस आई तो हम दोनों बस में बैठे लेकिन हमें बैठने की जगह नहीं मिली इसलिए हम दोनों खड़े ही थे धीरे धीरे बस खाली होने लगी थी तो हम दोनों को बैठने की जगह मिल गई। मैं और काजल साथ में बैठे हुए थे काजल मुझसे कहने लगी कि सुनैना तुम्हारे एग्जाम की तैयारियां कैसी चल रही है तो मैंने काजल से कहा काजल मुझे तो पढ़ने का समय ही नहीं मिल पाता है। काजल ने मुझसे जब इसकी वजह पूछी तो मैंने काजल को बताया कि दरअसल हम लोग संयुक्त परिवार में रहते हैं इस वजह से घर में काफी शोर-शराबा होता है और मुझे पढ़ने के लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता मेरी चाची के दो लड़के हैं दोनों बहुत ही ज्यादा शरारती हैं और उन दोनों की वजह से मैं अपनी पढ़ाई में भी ध्यान नहीं दे पाती हूं।


काजल ने मुझे कहा कि सुनैना यदि ऐसी कोई परेशानी है तो तुम मेरे घर पर पढ़ने के लिए आ जाया करो मैंने काजल को कहा हां काजल मैं अब से तुम्हारे घर पर ही पढ़ने के लिए आ जाए करूंगी। काजल और मैं कॉलेज पहुंच चुके थे जब हम लोग कॉलेज पहुंचे तो उस दिन लंच टाइम में भी हम लोग साथ में बैठे हुए थे मैंने काजल से कुछ नोट्स ले लिए थे क्योंकि मेरे पास पूरे नोट्स नहीं थे। जब हम लोग उस दिन शाम के वक्त घर लौटे तो काजल ने मुझे कहा कि सुनैना तुम मेरे घर पर पढ़ने के लिए आ जाया करो मैंने काजल से कहा कि ठीक है मैं तुम्हारे घर पर कल से आ जाया करूंगी। कॉलेज खत्म हो जाने के बाद मैं काजल के साथ उसके घर पर चली जाया करती और वहीं मैं पढ़ाई किया करती। काजल और मैं साथ में ही पढ़ते थे तो मुझे भी काफी मदद मिल जाया करती थी क्योंकि काजल पढ़ने में काफी अच्छी है और वह मेरी मदद भी कर दिया करती थी।


मैं जब उस दिन अपने घर पहुंची तो मुझे काफी देर हो चुकी थी मां ने मुझसे पूछा कि बेटा तुम कहां रह गई थी तो मैंने मां को बताया कि मां मैं काजल के घर पर पढ़ाई कर रही थी। मां मुझे कहने लगी कि बेटा मेरी आज तबियत ठीक नहीं है इसलिए तुम चाची के साथ आज खाना बनाने में उनकी मदद कर दो। मैं रसोई में चली गई और चाची के साथ मैंने मदद की रात को सब लोग साथ में खाना खाने के लिए बैठे हुए थे दादा जी ने पापा से कहा कि घर की मरम्मत करवाने के लिए कुछ पैसे चाहिए थे तो पापा ने दादा जी से कहा कि हां पिताजी आप घर की मरम्मत करवा दीजिए मैं पैसे दे दूंगा। पापा ने जब दादाजी से यह बात कही तो चाचा जी ने भी कहा कि वैसे भी काफी समय से हम लोगों ने घर की मरम्मत नहीं करवाई है। अब घर का काम कुछ ही समय बाद शुरू हो चुका था और मैं काजल के घर पर ही पढ़ने के लिए चली जाया करती अब हमारे एग्जाम भी नजदीक आने वाले थे इसलिए मैं अपनी पढ़ाई में पूरी तरीके से ध्यान दे रही थी। जिस दिन एग्जाम था उस दिन मैं काफी घबराई हुई थी काजल भी अभी तक कॉलेज नहीं पहुंची थी जैसे ही काजल कॉलेज पहुंची तो मैंने काजल को कहा मुझे आज बहुत डर लग रहा है। काजल कहने लगी कि सुनैना तुम्हें डरने की जरूरत नहीं है तुम्हारा पेपर जरूर अच्छा होगा और जब हम लोग एग्जाम हॉल में गए तो मैंने अपना एगजाम दिया और मेरा एग्जाम अच्छा हुआ। जब पेपर खत्म हुआ तो उसके बाद मैं काजल का इंतजार कर रही थी काजल थोड़ी देर बाद आई और उसने अपने हाथ से पानी की बोतल मेरी तरफ बढ़ाई और कहा कि सुनैना क्या तुम पानी लोगी। मैंने उससे कहा हां काजल प्यास तो मुझे भी काफी ज्यादा लग रही थी मैंने पानी पिया और काजल ने मुझसे पूछा कि तुम्हारा एग्जाम कैसा रहा तो मैंने उसे कहा मेरा एग्जाम तो अच्छा हुआ। मैं और काजल साथ में काफी देर तक बैठे हुए और उसके बाद हम लोग घर चले गए मैं उस दिन अपने घर चली आई थी मैं खाना खाने के बाद अपने रूम में पढ़ने के लिए चली गई। मैं पढ़ाई कर रही थी लेकिन बच्चे काफी शोर कर रहे थे तो मैंने उन्हें चुप करवाया लेकिन वह चुप ही नहीं हो रहे थे मैंने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और मैं पढ़ने लगी।



शाम के 6:00 बज चुके थे तो मां ने दरवाजा खटखटा और कहा कि सुनैना बेटा दरवाजा खोलना मैंने दरवाजा खोला तो मां मेरे लिए चाय लेकर आई थी मां मुझे कहने लगी कि बेटा तुम काफी देर से पढ़ाई कर रही हो कुछ देर तुम छत में टहल लो। मैंने मां से कहा हां मां मैं चाय पीने के बाद छत में चली जाऊंगी मैंने अब चाय पी और थोड़ी देर बाद मैं छत में चली गई मैं जब छत में गई तो मैंने देखा उस वक्त पापा और चाचा जी आपस में कुछ बात कर रहे थे। थोड़ी देर छत में टहलने के बाद मैं अपने रुम में चली आई और पढ़ने लगी पढ़ाई करते हुए मुझे रात के 12:00 बज चुके थे और समय का कुछ पता ही नहीं चला। मुझे काफी ज्यादा नींद आ रही थी मेरा पेपर दो दिन बाद था तो मैं सो गई अगले दिन सुबह जल्दी उठकर मैं पढ़ने लगी मुझे काजल का फोन आया और वह कहने लगी कि सुनैना तुम आज घर पर ही आ जाओ मैं घर पर अकेली हूं पापा और मम्मी किसी काम से बाहर गए हुए हैं। मैंने काजल से कहा कि ठीक है काजल मैं तुम्हारे घर पर आती हूं मैं काजल से मिलने के लिए उसके घर पर चली गई और मैं काजल के घर पर ही पढ़ने लगी।


उस दिन मैंने अपनी मम्मी से कह दिया था कि मैं आज घर नहीं आऊंगी क्योंकि मैं काजल के साथ ही रुकने वाली थी हम दोनों ने देर रात तक पढ़ाई की। हम लोग देर रात तक पढ़ाई करते रहे रात को जब मुझे काजल ने पूछा कि सुनैना क्या तुम्हारा कभी कोई बॉयफ्रेंड था? मैंने उसे मना किया और कहा नहीं मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं था। काजल ने मुझे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बताया मुझे उसने यह बात कभी बताई नहीं थी। काजल ने मुझे कहा लेकिन मैं अब उसके साथ रिलेशन में नही हूं हम दोनों का ब्रेकअप हो चुका है। उस दिन काजल ने जब मुझे अपने और अपने बॉयफ्रेंड के बीच मे हुए शारीरिक संबंध के बारे में बताया तो मेरे मन मे भी सेक्स करने की इच्छा जागने लगी। मैं चाहती थी मैं किसी के साथ शारीरिक संबंध बनांऊ हमारे एग्जाम भी अब खत्म हो चुके थे और कुछ दिनों के लिए मैं घर पर ही थी। मैं कहीं भी नहीं जा पा रही थी हमारे पड़ोस मे ही बंटी रहता है बंटी हमेशा ही मुझे देखकर अपनी लार टपकाता रहता था। एक दिन मे छत में आई हुई थी मैंने जब अपनी पैंटी और ब्रा को सुखाने के लिए तार मे डाला तो बंटी भी छत पर था वह मेरी तरफ देख रहा था। मैं उसके पास गई और उससे कहा तुम मुझे ऐसे क्यो देखते रहते हो? वह मुझे कहने लगा बस ऐसे ही मैं तुम्हें देखता रहता हूं। मैंने उसे कहा लगता है तुम्हारे अंदर कुछ ज्यादा ही गर्मी है। वह मुझे कहने लगा हां मेरे अंदर बहुत गर्मी है तुम्हें देख शकर मैं हमेशा उतावला रहता हूं, सोचता हूं कि काश तुम मेरे पास होती तो मैं तुम्हें मसल कर रख देता। मैंने बंटी को कहा अच्छा तो तुम्हारे अंदर इतनी आग है अगर तुम्हारे अंदर इतनी आग लगी हुई है तो आज रात को तुम घर पर आ जाना। वह मुझे कहने लगा रात को मैं जरूर तुमसे मिलने के लिए आऊंगा मुझे नहीं पता था कि बंटी वाकई में मुझसे मिलने के लिए आ जाएगा। रात के वक्त जब वह मुझसे मिलने के लिए आया तो मैं उस वक्त अपने कमरे में ही थी।


बंटी ने दरवाजे को खटखटाया मैंने जब दरवाजा खोला तो मैंने देखा बंटी दरवाजे पर खडा है। मैंने उसको अंदर आने के लिए कहा वह रूम में आ गया मैंने उसे कहा तुम तो वाकई में यहां आ गए। उसने मुझे अपनी बाहों में लिया और कहने लगा मैंने तो तुम्हारी बात मान ली अब तुम्हे भी मेरी बात माननी पड़ेगी। मैंने भी कमरे की कुंडी को लगाया और बंटी के सामने मैंने अपने कपड़े उतारने शुरू किए तो उसने मुझे अपनी गोद में बैठा लिया। जब उसने मुझे अपनी गोद में बैठाया तो उसका मोटा लंड मेरी गांड पर टकरा रहा था। यह पहला मौका था जब मैं किसी के साथ सेक्स करने जा रही थी बंटी के लंड को देख मैं अपने आपको रोक ना सकी और उसके लंड को मैं अपने हाथों से हिलाने लगी। काफी देर तक ऐसा करने के बाद वह कहने लगा तुम अब इसे अपने मुंह में समा लो। मैंने भी उसके मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर ले लिया और बड़े अच्छे से मैं उसे लंड को चूसने लगी।


बंटी को अच्छा लग रहा था और मुझे भी बहुत अच्छा लगता दो मिनट तक मैंने ऐसा ही किया उसके बाद बंटी ने मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरी चूत को चाटने लगा। मैंने अंदर से अलग प्रकार की फीलिंग पैदा हो रही थी मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि मेरे शरीर से करंट पैदा हो रहा है। मैंने बंटी के लंड को अपनी चूत पर लगाया और उसे कहा तुम लंड अंदर की तरफ डाल दो। बंटी ने अपने मोटे लंड को चूत के अंदर तक डाल दिया जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं जोर से चिल्लाई। मुझे एहसास हुआ कि मेरी चूत से खून बहार निकल चुका है। मेरी योनि से काफी ज्यादा खून बहने लगा था मैं अपने आपको बिल्कुल भी नहीं रोक पा रही थी मेरे अंदर की गर्मी इस कदर बढ़ने लगी थी वह मुझे कहने लगा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने बंटी को कहा मैं ज्यादा देर तक तुम्हारे लंड की गर्मी को नहीं झेल पाऊंगी। बंटी का लंड बहुत मोटा था उसने मेरे साथ 10 मिनट तक संभोग का मजा लिया उसने अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिराया तो मुझे एहसास हुआ कि सेक्स का सुख कितना अद्भुत होता है।

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