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Sunday, August 11, 2019

सहेली का पति बोला तुम बहुत माल हो

Antarvasna, kamukta: 


Saheli ka pati bola tum bahut maal ho दोपहर में काफी ज्यादा गर्मी हो रही थी उस वक्त करीब 2:00 बज रहे थे तभी दरवाज़ा कोई खटखटा रहा था मैंने जब दरवाजे को खोला तो सामने डाकिया खड़ा था। मैंने उससे पूछा कि किसके नाम से डाक आई है तो उसने मुझे बताया कि सूरज कुमार के नाम से डाक है मैंने वह डाक ले ली, सूरज मेरे पति का नाम है और वह स्कूल में अध्यापक हैं। मैंने वह डाक उससे ले ली और उसके बाद वह डाकिया वहां से चला गया डाकिया वहां से जा चुका था दिन में काफी ज्यादा गर्मी हो रही थी तो मैंने सोचा कि मैं ए सी ऑन कर देती हूं। मैंने ए सी ऑन किया और मैं रूम में आराम से लेट गई मुझे काफी अच्छी नींद आई मैं उसके बाद करीब 5:00 बजे उठी। मैं जब उठी तो मेरे पड़ोस में रहने वाली बबीता जो कि मेरी अच्छी सहेली भी है वह मेरे घर पर आई हुई थी बबीता ने मुझे बताया कि वह कुछ दिनों के लिए घूमने के लिए शिमला जा रहे हैं। मैंने बबीता से कहा कि क्या तुम लोगों ने घूमने का प्लान पहले से ही बनाया था उसने मुझे बताया कि नहीं।


मैंने बबीता को पूछा लेकिन तुम लोग वहां पर कितने दिनों तक रुकने वाले हो तो उसने मुझे बताया कि हम लोग वहां पर एक हफ्ते के लिए जा रहे हैं क्योंकि जयपुर से शिमला की दूरी कुछ ही घंटों की है। उसी शाम जब मेरे पति घर लौटे तो मैंने उनसे कहा कि बबिता और उसके पति शिमला घूमने के लिए जा रहे हैं वह मुझे कहने लगे कि ममता तुम्हें तो पता ही है ना कि मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं है और मुझे स्कूल से भी छुट्टी नहीं मिल पाएगी लेकिन मैंने उनसे जिद की और कहा कि तुम अपने स्कूल से छुट्टी ले लो मुझे भी शिमला जाना है। वह कहने लगे कि ठीक है मैं कोशिश करता हूं हालांकि उस वक्त तो हम लोग शिमला नहीं जा पाए लेकिन उसके कुछ समय के बाद हम लोगों ने शिमला जाने का प्लान बनाया और हम लोग भी शिमला घूमने के लिए गए।


शिमला में मुझे काफी अच्छा लगा और वहां का मौसम भी बहुत अच्छा था जब हम लोग वहां से वापस लौटे तो मेरी तबीयत खराब हो गई मेरी तबीयत काफी ज्यादा खराब हुई मुझे बहुत तेज बुखार हो गया था जिस वजह से मुझे कुछ दिनों तक डॉक्टर ने आराम करने के लिए कहा। उसी दौरान हमारे घर पर बबीता आई हुई थी बबीता मेरे साथ बैठी और उसने मुझसे पूछा कि ममता तुम्हारी तबीयत अचानक से कैसे खराब हो गई तो मैंने उसे कहा कि मालूम नहीं जब मैं जयपुर लौटी तो मुझे काफी कमजोरी महसूस हो रही थी और मेरी काफी तबीयत खराब हो गई। बबीता मेरे साथ काफी देर तक बैठी हुई थी और उसके बाद वह चली गई कुछ दिनों के बाद मैं ठीक होने लगी थी। एक दिन मैंने बबीता से कहा कि हम लोग आज कहीं घूमने के लिए चलते हैं तो बबीता कहने लगी कि चलो मैंने भी काफी दिनों से शॉपिंग नहीं की है क्यों ना हम लोग शॉपिंग करने के लिए चलें। उस दिन हम दोनों ही शॉपिंग करने के लिए चले गए मैं भी काफी दिनों से अपने लिए कुछ खरीद नहीं पाई थी इसलिए मैं और बबिता उस दिन शॉपिंग पर चले गए जब हम लोग गए तो उस दिन मेरी सहेली से मेरी मुलाकात हुई। मेरी सहेली का नाम रचना है रचना से मैं काफी वर्षों बाद मिल रही थी रचना की शादी जोधपुर में हुई थी लेकिन जब मैंने उससे पूछा कि क्या तुम भी अब जयपुर में रहने लगी हो तो वह मुझे कहने लगी कि मेरे पति का ट्रांसफर अब जयपुर में ही हो चुका है। मैंने रचना से कहा चलो यह तो बहुत अच्छी बात है रचना को मैंने कहा कि कभी तुम घर पर आना तो वह कहने लगी कि हां मैं जरूर तुम्हारे घर पर आऊंगी। उस दिन तो वह जल्दी में थी इसलिए वह चली गई उसके बाद मैंने रचना का नंबर ले लिया था और मैं और बबीता घर वापस लौट चुके थे मैं जब घर वापस लौटी तो उस वक्त मेरे पति भी ऑफिस से लौट चुके थे उन्होंने मुझे कहा कि ममता आज तुम कहां चली गई थी। मैंने अपने पति से कहा कि आज मैं शॉपिंग करने के लिए चली गई थी वह कहने लगे अच्छा तुम्हारा फोन मैं काफी देर से ट्राई कर रहा था परंतु तुम्हारा फोन लग ही नहीं रहा था मैंने उन्हें कहा कि शायद नेटवर्क की कोई परेशानी रही होगी इस वजह से मेरा फोन नहीं लग रहा था। एक दिन मैं घर पर ही थी उस दिन मुझे रचना का फोन आया जब मुझे रचना का फोन आया तो मैंने रचना से काफी देर तक बात की और उसे कहा कि तुम मेरे घर पर आ जाओ।


 वह मुझे कहने लगी कि ममता मैं तुम्हारे घर पर तो नहीं आ सकती लेकिन हो सके तो तुम मेरे घर पर आ जाओ मैंने उससे कहा कि ठीक है मैं आज तुमसे मिलने से तुम्हारे घर पर आती हूं। मैं उस दिन रचना से मिलने के लिए उसके घर पर चली गई और मैं जब रचना के घर पर गई तो वह घर पर अकेली थी मैंने उससे कहा कि तुम अकेली ही रहती हो तो उसने मुझे कहा कि हां मैं घर पर अकेली रहती हूं। मैंने रचना से काफी देर तक बात की और हमारे कुछ पुराने दिन ताजा होने लगे रचना ने मुझे बताया कि कभी कबार उसके मम्मी और पापा उससे मिलने के लिए आ जाया करते हैं। मैं रचना के साथ उस दिन काफी देर तक रही और उसके बाद मैं घर वापस लौट आई। रचना जयपुर में रहती थी इसलिए वह मुझसे मिलने के लिए आ जाया करती थी। रचना के पति गौरव से भी मेरी मुलाकात हो चुकी थी गौरव मुझसे बडे खुलकर बातें किया करते। गौरव ने मेरा नंबर भी ले लिया था इसलिए मैं उनसे फोन पर भी मैसेज के माध्यम से बात किया करती थी लेकिन एक दिन गौरव ने मुझसे रोमांटिक बातें शुरू कर दी मैं भी उससे बात करने लगी।


 वह मेरे फिगर को जानना चाहता था मैंने उसे अपने फिगर का नाप भी बता दिया। मैं चाहती थी कि मैं उसके साथ सेक्स संबंध बनाऊं और हम दोनों ने मिलने का फैसला किया। जब हम दोनों मिले तो मुझे बहुत अच्छा लगा उस दिन हम दोनों एक रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे और काफी देर तक हम लोगों ने एक दूसरे से बात की गौरव के साथ मुझे काफी अच्छा लगा। मैंने गौरव से कहा कि कहीं अकेले में चलते हैं? गौरव ने मुझे कहा हम लोग किसी होटल में चलते हैं और हम दोनो एक होटल मे चले गए। जब हम लोग वहां पर गए तो गौरव ने वहां रूम ले लिया। हम दोनों रूम मे साथ मे बैठे हुए थे पहले तो गौरव ने मेरी जंघो को सहलना शुरू किया वह मेरे बदन को गर्म करना चाहता था। उसने मेरे बदन की गर्मी को पूरी तरीके से बढा करा दिया था जिससे कि मैं गौरव के लंड को अपने मुंह में लेना चाहती थी। गौरव ने मुझे कहां तुम मेरे लंड को अपने मुंह में लेते रहो मैंने उसके लंड को अपने मुंह में ले लिया और उसे बड़ी अच्छे से मैं सकिंग करने लगी। मुझे काफी आनंद आ रहा था गौरव को भी बहुत अच्छा लग रहा था, 2 मिनट तक मैंने ऐसा ही किया। उसके बाद हम दोनों की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ने लगी थी। मेरी चूत से पानी बाहर की तरफ आ चुका था मैं अपनी योनि मे उंगली डालने लगी थी मैने अपने कपड़े उतारे मैं गौरव के सामने नंगी थी। गौरव ने मेरी चूत को सहलाना शुरू किया तो मेरी चूत से बहुत ज्यादा पानी बाहर की तरफ निकल रहा था। गौरव ने मुझे कहा तुम्हारी चूत से बहुत ही पानी निकल रहा है तुम्हारी चूत पर एक भी बाल नहीं है। उसने अब मेरी चूत पर अपनी जीभ को लगाकर चाटा तो मुझे बहुत ही मजा आने लगा था। वह बड़े अच्छे तरीके से मेरी चूत को चाट रहा था और मेरे अंदर की गर्मी पूरी तरीके से बढ़ती जा रही थी। मैंने गौरव से कहा मैं अब ज्यादा देर तक नहीं रह पाऊंगी तुम मेरी चूत के अंदर अपने लंड को डाल दो। उसने अपने लंड को हिलाते हुए मेरी चूत के अंदर घुसा दिया जैसे ही उसका मोटा लंड मेरी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो मैं जोर से चिल्लाई।


 वह मुझे कहने लगा तुम्हारी चूत बहुत ही ज्यादा टाइट है मैंने उसे कहा तुम बहुत ही अच्छे से मुझे धक्के दे रहे हो तुम ऐसे ही मजे लेते रहो। वह मुझे काफी देर तक ऐसे ही धक्के मारता रहा जिसके बाद मेरे अंदर की गर्मी और भी ज्यादा बढ़ने लगी थी और मेरी योनि से पानी काफी ज्यादा बाहर की तरफ आने लगा था। मैंने गौरव से कहा कहीं यह बात रचना को पता चल गई तो वह कहने लगा नहीं रचना को कभी मैं पता चल नहीं चलने दूंगा यह बात हम दोनों के बीच में ही रहेगी। गौरव के साथ सेक्स करके मजा मजा आ रहा था उसने मेरी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया वह जब मुझे धक्के मारता तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था।


मुझे महसूस हो रहा था कि मैं सिर्फ गौरव के साथ सेक्स का मजा लेते रहू गौरव के साथ मैंने काफी देर तक सेक्स के मज़े लिए जब गौरव की इच्छा पूरी होने वाली थी और उसके अंडकोष से वीर्य बाहर आने लगा था तो मुझे भी अहसास होने लगा कि मैं भी अब झड़ने वाली हूं। मैंने अपने दोनों पैरों के बीच में गौरव को जकडना शुरू कर दिया जिससे कि गौरव पूरी तरीके से मेरे पैरों के बीच में आ चुका था और उसे बहुत ही अच्छा लग रहा था। उसने मुझे कहा  तुम्हें मुझे धक्के मारने में बहुत ही मजा आ रहा है वह मुझे ऐसे ही काफी देर तक बड़ी तेज गति से धक्के मारता रहा लेकिन जैसे ही उसने अपने वीर्य को मेरे ऊपर गिराया तो मैंने उसे कहा आज तो कसम से मजा ही आ गया। वह कहना लगा मुझे भी आज तुम्हारे साथ बहुत ही अच्छा लगा। उसके बाद हम दोनों साथ में ही बैठे रहे और काफी देर तक हम लोगों ने बात की फिर गौरव भी चला गया मैं भी अपने घर वापस लौट आई। हम लोगों के बीच मे फोन पर बात होती रहती है हम दोनों को फोन पर बातें करना बहुत अच्छा लगता है।



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