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Saturday, July 13, 2019

माँ ने चुदाई से उधारी चुकाई – 1


यह कहानी मेरे माँ के बारे में हैं, जो मैं आप सबको सुनाऊँगा, कहानी बताते शर्म भी आ रही है…. अच्छी लगे तो लाइक कर देना…..


मारी उम्र तब थी 14 और मेरे माँ की उम्र थी 36…. मेरी माँ का नाम था सूमी वो एक बंगाली पतिव्रता औरत थी..


मेरे पापा एक छोटी नौकरी करते थे तो ज़्यादा पैसे घर पर नहि आते थे, पापा ज़्यादातर घर से बाहर रहते थे ।


कुछ ज़रूरतों की वजह से हमहे एक लाख रुपए उधार लेने परे अजय जी नाम के एक आदमी थे उनसे.. जिसका ब्याज महीने में 5हज़ार रुपय थे, हमारी आमदनी से ज़्यादा उधारी हो गयी थी….


हर महीना आता था और अजय जी के लोग आते और पैसे लेके चले जाते, पैसे देने में देरी होने पर गंदी गंदी गाली देते, यह सब माँ को समहलना पढ़ रहा था ।


एक महीने हम पैसा नहीं दे पाए, तो अजय जी ख़ुद आए, और पैसे माँगने लगे । माँ ने बोला दिखिए मेरे घर की हालत बहुत ख़राब है मैं नहि दे पाऊँगी इतना ब्याज आपके मूल 1लाख रुपय मैं किसी तरह लौटा दूँगी ।


अजय जी ने नहीं माना, कहने लगे “यह सब उधारी लेने से पहले सोचना चाहिए था, यह मेरा बिज़्नेस है । आप दो ब्याज नहि तो हमें और भी तरीक़े आते हैं, आप लोग अच्छे घर से हो इसीलए जा रहा हूँ और आपके पति को मिलने बोलिए गा ।”


अजय जी की उम्र क़रीब 45 की होगी, लम्बे मोटे आदमी थे, सुना था पहले आर्मी में काम करते थे ।


पैसे लेने के बहाने वो हमारे घर चले आते थे, उन्हें देखते ही माँ सहम जाती थी डर से की क्या धमकी गली दे दे ।


पर अजय जी का मक़सद कुछ और था, वो मेरी माँ को हवस की नज़रों से देखने आते थे ।


एक दिन अजय जी आए, बोला आज ही पैसा चाहिए।


माँ ने बोला इतना ब्याज नहीं है दे पाऊँगी  ।


अजय जी – “ तो चलो थाने, वहाँ होगा फ़ैसला, नहीं तो तुम भी दूसरा रास्ता निकल सकती हो “


माँ – “कैसा दूसरा रास्ता ?”


अजय जी – “ जो मर्द औरत करते हैं वो करेंगे, ब्याज माफ़ तुम्हारे लिए फिर “


माँ – “ आप  घर से निकालिए, मैं वैसे औरत नहि हूँ “


माँ रोने लगी यह सुन के पर डर, और यह सब सुन के ।


अजय जी “ मैं घुमा फिरा के बात नही  करता, मंज़ूर है तो बोलना फ़ोन कर के यह रहा मेरा नम्बर नहि तो पैसे रेडी रखना “


सारा दिन माँ दुखी थी, और गहरी सोच माईं  रात को माँ को देखा फ़ोन करते मैंने कॉल रिकॉर्डिंग आन करके रखी थी ।


माँ – हम्म…


अजय जी – क्या बोल कुछ


माँ – मंज़ूर है वो सब


अजय – वाह कब आऊँ?


माँ – जब बेटा घर पे नहि होगा तब, सोमवार  सुबह


अजय – वो सब नहि होगा पूरा दिन रात छाइए तू मुझे बेटे को भेज बाहर कही, तेरे घर मैं जाऊँगा ।


माँ – देखती हूँ….


अजय – जल्दी करके फ़ोन करना ।


माँ ने मुझे सोमवार को को मौसी के घर में जाने को बोला, मैं माँ गया पर मैंने स्पाई काम लगा दिया घर में ।


मैं यह सब देख रहा था, पर कुछ कह नहि पा रहा था, हालत ही कुछ ऐसे थे । मजबूरी और मजबूरी


सोमवार सुबह हुई, तो अजय जी चले आए, उन्होंने आके घर पे लंच किया…. माँ को लेके मूवी देखने गए और शॉपिंग कराया और ब्यूटी पार्लर भी लाके गए ।


शाम हो चली थी माँ उनसे तब भी छुप रही थी, चुप चाप थी । उन्हें पता था कोई अनजान मर्द उन्हें चुदाई करने वाला था वाला था…


माँ ब्यूटी पार्लर से आके ग़ज़ब हॉट दिख रही थी । बाल खुले हुए, जालीदार सारी जिससे ब्लाउस का उभार और नाभि दिख रही थी


अजय जी ने माँ को पीछे से जाकर लिया, माँ सहम उठी, माँ ने नीले रंग की सारी पहनी थी और काले रंग की ब्लाउज़…   अजय जी का हाथ उनके स्तन पर के रखा और पीछे से माँ को किस करने लागे


माँ को उठा लिए अपने बाँहों में और सीधा बेड पे ले गए ।


अजय जी – साली तुझे कब से देख रहा हूँ, ग़ज़ब देखिति है तू.. पहले दिन ही चोदना चाहता था । चल अपने कपरे उतार ।


माँ खरी हो गयी और कपरे उतरने में शर्म महसूस कर रही थी ।


अजय – साली एक बच्चे की माँ है फिर भी दुल्हन की तरह शर्मा रही है, दुल्हन नहीं रंडि है तू याद रख । बाथरूम में जा और एक एक करके कपरे फ़ेक बाहर ।


माँ बथरोम चली गयी और पहले अपनी सारी फेंकी बाहर , फिर अपना ब्लाउस और पेटिकोट, अभी तक अजय जी ने नहि देखा था उन्हें… आख़िर में ब्रा पैंटी माँ ने बाथरूम से बाहर फेंका ।


पाँति और ब्रा अजय जी सूँगने लगे । उन्होंने अपने कपरे उतर दिए और सिर्फ़ अंडर्वेर पहने बेठये रहे । उनका लंड सक्थ होने लगा था ।


अजय – अब तो तेरे पास कपरे नहि है । निकल वहाँ से,


माँ ने एक टाउल पहन के  के बाहर आयी । उनके स्तन तो थोर सा ही ढक रहा था और किसी तरह योनि ढकी हुई थी ।


अजय जी माँ देखते ही पागल हो गए, और उनपे झपट पड़े, और माँ के होंटों को किस करने लगे और गर्दन को, माँ फिर भी उनका साथ नहि दे रही थी ।


अजय जी – “ साली रंडि, तू साली सबसे महँगी रंडि है जिससे मैं चोदुंगा, इतनी ठंडी क्यूँ है…. सती सावित्री मत बन, रांड की तरह कर  साली कूद अभी “


यह बोलते ही अजय जी ने माँ का टाउल खिच लिया, और माँ पूरी नंगी हो गयी, माँ ने अपने हाथों से अपने स्तन को छुपाने की नाकाम कोसिश करने लगी और योनि से पैरों से….. माँ की गांड और नावि में चरबी ग़ज़ब दिख रही थी ।


माँ को अजय जी ने बाँहों में भर लिया उनका नंगा बदन माँ के चूचियों से चिपक रहा था, अजय जी ने माँ का हाथ पाकरा और अपने चड्डी के अंडर घुसा दिया, लंड को पकड़ने के लिए…. लंड का स्पर्श पाते ही माँ की आँखें बड़ी बड़ी हो गयी, माँ लंड को हँथो से पाकर लिया ।


अजय जी – साली चूस मेरे लाउडा को !


माँ ने अजय जी का अंडर्वेर को अपने हाथों से नीचे किया, उनका 7 इंच मोटा काला लंड माँ के आँखों के सामने था…. अजय जी बिस्तर पे लेट गए !


माँ – “ कॉंडम पहन लीजिए “


अजय – “ साली नंगे लौड़े को चूस कोई कॉंडम नहीं है आज ।


माँ – “गंदा लगता है, मेरे पति भी कॉंडम पहनते है ।”


अजय जी ने यह सुनके, माँ के बाल पकड़े और माँ का माथा अपने लंड के लाके, लंड को होंठों पे घिसने लगे, वो अपनी ताक़त का इस्तेमाल कर रहे थे ।


माँ ने डर से अपनी जीभ निकली और और लंड का तोपा धीरे से चाटा…


अजय जी आह आह करके आवाज़ करने लगे….   अजय जी ने माँ का गर्दन दबा कर ज़ोर से अपना पूरा लंड माँ के मुँह में भर दिया, माँ को साँस लेने में तकलीफ़ हो रही थी, तब अजय जी ने माँ का मुँह छोड़ा चालू किया, लंड इतना बड़ा था की, पूरा अंडर जा भी नहि रहा था, अजय जी ने एक तरफ़ से माँ के चूचियों को दबाना सुरु किया और माँ का मुँह तो chod ही रहे थे । माँ भी गरम हो रही थी…. वो अब ख़ुद ही लण्ड चूस रही थी….. माँ ने ख़ुद ही अब अजय जी के लण्ड से खेलेने लगी ।


अजय जी — साली तेरे मूमने (बूब्ज़) किनते गोल है, तू चूसती भी कितना अछी है… पर थोरा ठंडी है…. पैर फैला के लेट.. गरम करता हूँ तुझे ।।


माँ पैरों को फैला के लेट गयी…. अजय जी ने माँ के बूब्ज़ पर किस किया और चूचियों को ज़ोर से काटा… माँ चीख़ उठी “ आह अह्हा… दर्द हो रहा छोरिए”


अजय जी सुनने वालों में से नहीं थे, उन्होंने अपने बाएँ हाथ से माँ की छूट को घिसना सुरु कर दिया, माँ के छूट गिला हो चुका था….


अजय जी — साली तेरा छूट तो एकदम चिकनी मलाई है… इसकी सारी प्यार बुझाऊँगा….


माँ — “जल्दी से कीजिए….. और बदरशत नहीं हो रहा…. ”


यह बोलते ही माँ ने सारी मरियादा तोड़ दी थी…..


अजय जी ने माँ के चूट में अपनी दोनो ऊँगली घुसायी और माँ काम वासना से चीख़ पड़ी… आआ धीरे धीरे कीजिए लह रहा है…. अजय जी ने माँ की  मलाई वाले योनि को और मीठा बना दिया अपने होतों में लेके…. वो अपनी उँगलिया और जीभ को माँ के योनि में पूरा घुसा रहे थे…


माँ उत्तेजना के वश में रोने लगी… किसी पराये मर्द से उन्हें इतना सुख मिल रहा था ।।।


अजय जी ने अपना लोहे जैसा लंड लके माँ के छूट में घिसना सुरु किया….. और अचानक ज़ोर से घुसा दिया लण्ड उसके काले योनि में जिससे मैं पैदा हुआ था ।


माँ — “ आह मर जाऊँगी… । धीरे से डालिए… इतना बड़ा आपका औज़ार….. ”


अजय – “ साली सारे चूट लण्ड के बने होते है, आराम से घुसेगा….. ” और वो ज़ोर से अपना लिंग अंडर बाहर करते रहे….


माँ भी आवाज़ करेने लगी जैसे….. आह आह सससस ज़ोर ज़ोर से साँसें लेने लगी..   अजय जी ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी, माँ की योनि की ज़बरदस्त चुदाई करने लगे.. ।


माँ ज़ोर से और ज़ोर से आऽऽ आह करने लगी और एक वक़्त पानी छोड़ दिया….


10 मिनट ऐसा चलने के बाद अजय जी ने योनि से अपना लंड हटाया…. और माँ के मुँह में भर दिया…..


माँ के मुँह के अंडर ही उन्होंने अपनी गाढ़ी सफ़ेद मलाई छोड़ दी…. माँ को ज़बान पूरी सफ़ेद मलाई से ढक चुकी थी.. माँ ने निगलने की कोसिश कि पर उन्हें थोड़ा उलटी आ गया….


अजय ji — “साली मज़ा आया ना, उलटी क्यूँ करती है…. आज तुझे बजाने का प्रोग्राम यही ख़त्म, बच्चे ना होने वाली दवाई खा लेना…. अगली बार तेरी गांड मरूँगा… नहि तो तुझे पता ही है ।।”


माँ से साथ अजय जी पूरी रात लेते रहे और उनके बदन से खेलते रहे……..



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