HELLO SEXY LUND HOLDER FOR MORE PLEASE VISIT TELENOR T and CALL ME FOR REAL PHONE SEX / SMS @+1-984-207-6559 THANK YOU. YOUR X

Thursday, June 13, 2019

अकेले में मैं और वो

Kamukta, hindi sex kahani, antarvasna:


Akele me mai aur wo अमन भैया का मुझे फोन आता है और वह मुझे कहते हैं कि सुनील तुम जल्दी से तैयार हो जाना मैंने भैया को कहा भैया लेकिन अभी जाना कहां है तो भैया कहने लगे कि मैं अभी तुम्हें लेने के लिए घर आ रहा हूं और तुम्हें मेरे साथ एक मीटिंग में चलना है। मैंने भैया को कहा भैया लेकिन मैं आपके साथ कहां मीटिंग में आऊंगा तो भैया कहने लगे कि सुनील तभी तो तुम सारी चीजों को सीखोगे जब तुम मेरे साथ आओगे मैंने भैया को कहा ठीक है भैया मैं आपके साथ आता हूं। मैं जल्दी से तैयार हुआ और भैया भी 20 मिनट में घर पहुंच चुके थे भैया मुझे कहने लगे चलो तुम मेरे साथ चलो, मैं भैया के साथ कार में बैठा और भैया मुझे समझाने लगे। भैया पापा के साथ काफी समय से बिजनेस कर रहे हैं पापा और भैया ने मिलकर बिजनेस को एक नई ऊंचाइयां दी है और जिस तरीके से भैया ने काम में पूरी मेहनत से बिजनेस को ऊंचाइयों पर पहुंचाया है इससे पापा भैया की हमेशा ही तारीफ करते हैं।


भैया मुझे अपने साथ ले गए तो वह चाहते थे कि मैं भी उनके साथ कुछ सीखूं और जब हम लोग एक होटल में पहुंचे तो वहां पर भैया ने उन लोगों के साथ मीटिंग कि मैं सारी चीजों पर ध्यान रख रहा था। जब हम लोग होटल से बाहर निकले तो भैया मुझे कहने लगे सुनील तुमने देखा कैसे मैंने उन लोगों से बिजनेस की डीलिंग की और मैं चाहता हूं कि तुम भी इसी प्रकार से काम को सीखो। मैंने भैया को कहा भैया आपके साथ रहूंगा तो जरूर मैं काम सीख जाऊंगा भैया कहने लगे कि हां सुनील तुम मेहनती हो और मुझे पता है कि तुम भी काम सीख लोगे लेकिन तुम अब ऑफिस आया करो। मैंने भैया को कहा ठीक है भैया मैं कल से आप के साथ ऑफिस आया करूंगा। भैया और पापा चाहते थे कि मैं भी उनके साथ उनके बिजनेस को जॉइन करूं और उनकी मदद करूं भैया ने मुझे जब यह बात कही तो मैंने भैया को कहा ठीक है भैया मैं भी आपके साथ कल से आया करूंगा। भैया ने मुझे घर छोड़ा और भैया ऑफिस चले गए अगले दिन से मैं भैया और पापा के साथ ऑफिस जाने लगा मुझे काफी चीजों की जानकारी होने लगी थी और पापा और भैया मेरी हमेशा ही मदद किया करते। अब धीरे-धीरे मैं भी काम सीखने लगा था तो भैया और पापा इस बात से खुश थे कि मैं उन लोगों के साथ काम करने लगा हूं।


भैया मुझे कहने लगे कि सुनील मैं कुछ दिनों के लिए ऑफिस मीटिंग से बाहर जा रहा हूं तो तुम पापा के साथ रहना मैंने भैया को कहा ठीक है भैया। पापा की तबीयत ठीक नहीं रहती है पापा को अस्थमा की समस्या है इस वजह से उनके साथ में कोई ना कोई होना चाहिए और भैया अब कुछ दिनों के लिए अपने काम के सिलसिले में जयपुर चले गए थे मैं पापा के साथ ही था। भैया जब वापस लौटे तो मैंने भैया से कहा भैया मैं कुछ दिनों के लिए अपने दोस्तों के साथ शिमला जा रहा हूं तो भैया कहने लगे कि ठीक है सुनील लेकिन तुम अपना ध्यान रखना और मुझे फोन कर देना मैंने भैया को कहा हां भैया। भैया ने मुझे बताया कि उनके एक दोस्त का वहां पर होटल है मैंने भैया को कहा नहीं भैया हम लोगों ने होटल बुक करवा लिया है। मैं अपने दोस्तों के साथ कुछ दिनों के लिए शिमला चला गया जब मैं शिमला गया तो शिमला की वादियां हमे अपनी ओर आकर्षित कर रही थी और शिमला में बहुत अच्छा मौसम था। मेरे साथ मेरा दोस्त रजत बैठा हुआ था राजत मुझे कहने लगा यहां पर बड़ा अच्छा मौसम है। मैंने रजत को कहा हां रजत यहां पर वाकई में बड़ा अच्छा मौसम है और ऐसा लग रहा है कि हम लोगों को यहीं रहना चाहिए मेरा तो यहां से जाने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा है रजत मुझे कहने लगा कि मुझे भी यहां पर बहुत अच्छा लग रहा है। हम लोग अगले दिन ट्रैकिंग पर गए और जब हम लोग ट्रैकिंग पर गए तो ट्रैकिंग के दौरान मैं रास्ता भटक गया और रास्ता भटकते भटकते मैं एक सुनसान जगह पर चला गया। वहां पर मुझे कुछ दिख ही नहीं रहा था दूर-दूर तक कोई आदमी भी नजर नहीं आ रहा था और ना ही मोबाइल में कोई नेटवर्क आ रहा था मैंने सोचा कि मैं जहां से आया था वहीं से मैं वापस पीछे के लिए निकलता हूं। मैं वापस पीछे की तरफ लौटा तो मुझे काफी देर चलने के बाद भी कोई नजर नहीं आया मैंने अपने मोबाइल में नेटवर्क चेक किया तो मोबाइल में नेटवर्क भी नहीं आ रहा था और मैं इस बात से बहुत परेशान होने लगा तभी थोड़ा आगे जाकर मुझे एक ग्रुप दिखाई दिया उनसे मैंने मदद मांगी। उन्होंने मुझे कहा कि आप यहां से बिल्कुल पीछे चलते रहिए आप रोड की तरफ पहुंच जाएंगे।


मैंने भी सोचा कि मैं बिल्कुल पीछे की तरफ ही चलता रहता हूं और मैं जिस रास्ते से आया था उसी रास्ते पर मैं चलने लगा और आखिरकार मुझे रोड मिल ही गई। मैं रोड पर बैठ कर इंतजार करता रहा लेकिन रजत और मेरे और साथी अभी तक वापस नहीं लौटे थे मैं काफी देर तक रोड पर बैठा हुआ था तभी वहां से एक और ग्रुप गुजर रहा था और मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी। जब उस लड़की को मैंने देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा और मैं सोचने लगा की काश मैं उससे बात करता लेकिन उस वक्त मैं उससे बात नहीं कर सकता था सिर्फ मैं उसे देखता ही रहा। मुझे ना तो उसका नाम मालूम था और ना ही उसके बारे में कुछ और पता था वह लोग भी आगे की तरफ निकल चुके थे काफी देर इंतजार करने के बाद रजत और मेरे और साथी वापस लौटे तो वह मुझसे पूछने लगे कि सुनील तुम कहां रह गए थे। मैंने उन्हें बताया कि मैं रास्ता भटक गया था तो वह कहने लगे कि कोई बात नहीं मैंने उन्हें पूछा तुम लोगों ने तो खूब इंजॉय किया होगा तो वह कहने लगे कि हां हम लोग तो काफी आगे तक गए थे और अब जब वापस लौटे तो अच्छा लग रहा है। हम लोग वापस होटल लौट चुके थे और होटल में हम लोग बैठे हुए थे और आपस में बात कर रहे थे मैंने रजत को कहा रजत क्या तुम्हें चाय पीनी है तो रजत कहने लगा हां हम लोग चाय ऑर्डर करवा देते हैं।


हम लोगों ने चाय ऑर्डर करवाई और चाय पीने लगे तभी मुझे वह लड़की दोबारा से दिखाई दी मुझे इस बात की खुशी थी कि वह लड़की भी इसी होटल में रुकी है जिसमें हम लोग रुके हुए हैं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह मुझे उसी होटल में मिल जाएगी मैं बहुत खुश हुआ और मैं रजत को इस बारे में बताया तो रजत कहने लगा कि तुम उससे बात क्यों नहीं करते। अगले दिन मैंने अंजली से बात की अंजली से बात करना मुझे अच्छा लगा और अंजली को भी मुझसे बात कर के अच्छा लग रहा था। हम दोनों की मुलाकात का भी अजीब इत्तेफाक था अंजली मुझसे बात करने लगी थी। मैंने जब अंजली को अपने साथ डिनर पर इनवाइट किया तो अंजली और मैंने साथ में डिनर किया हम दोनों ने साथ में डिनर किया। जब अंजली की तरफ मैं देख रहा था तो उसकी आंखो में मुझे प्यार नजर आ रहा था उस वक्त जब मैंने अंजली का हाथ पकड़ा तो वह भी मचलने लगी थी। जब मैं अंजलि को अपने साथ रूम में लेकर आया तो अंजली थोड़ा सा असहज महसूस कर रही थी लेकिन थोड़ी देर बाद वह खुलकर मुझसे बात कर रही थी मैंने अंजली के हाथो को अपने हाथ मे लिया फिर मैंने अंजली के होठों को चूमना शुरु किया वह मेरी तरफ देख रही थी अंजली जिस प्रकार से मेरी तरफ देख रही थी उसकी आंखों में वह प्यार मुझे साफ नजर आ रहा था। जब अंजली के स्तनों को मैंने दबाना शुरू किया तो मुझे अच्छा लग रहा था मैने अंजली के स्तनों को दबाया। मैंने उसके कपडो को उतार कर उसके स्तनो को चूसना शुरू किया तो वह भी मचल उठी थी मैंने अपनी उंगली को अंजली की चूत के अंदर प्रवेश करा दिया।


अंजली की चूत के अंदर मेरी उंगली जा चुकी थी अब अंजली पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई अंजली ने कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जैसे ही मैंने अंजली की चूत के अंदर अपनी जीभ को लगाना शुरू किया त अंजली मचलने लगी। वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से लगातार पानी बाहर की तरफ निकल रहा है अंजली अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। जैसे ही मैंने अपने लंड को अंजली की चूत के अंदर प्रवेश करवाया तो वह चिल्लाने लगी अंजली के मुंह से सिसकिया निकल रही थी वह मुझे अपनी और खींच रही थी मैं लगातार तेज गति से अंजली को धक्के मार रहा था। अंजली की चूत से जिस प्रकार से मेरा लंड टकराता उससे मुझे बहुत मजा आया और अंजली भी पूरी तरीके से उत्तेजित हो गई थी जैसे ही मैंने अंजली की चूत के अंदर अपने वीर्य को गिराया अंजली मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी।


थोड़ी देर बाद अंजली ने अपनी चूत को साफ किया मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को दोबारा प्रवेश करवाया मेरा लंड दोबारा से अंजली की चूत के अंदर प्रवेश हो चुका था मैं बड़ी तेज गति से उसे चोद रहा था मैं बहुत तेजी से उसे धक्के मारे जा रहा था अंजली की चूत के अंदर मैंने अपने वीर्य को दोबारा से गिराया। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और अंजली ने उसे अपने मुंह के अंदर समा लिया वह मेरे लंड को चूसने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जिस प्रकाश से अंजली ने मेरे मोटे लंड का रसपान किया उसने बहुत देर तक मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसा। मै बहुत ज्यादा खुश हो गया था और थोड़ी देर बाद उसने मेरे वीर्य को अपने मुंह के अंदर ले लिया। अंजली के साथ इस प्रकार से सेक्स करना बड़ा ही अच्छा लगा उसके बाद भी अंजली के साथ मेरी फोन पर बातें होती रहती हैं अंजली मुझे कहती है कि तुम मुझसे मिलने के लिए आ जाओ। मैं अंजली से काफी समय से नहीं मिल पाया हूं और अंजली मेरे लिए तड़प रही है।



Comments are closed.

No comments:

Post a Comment