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Tuesday, June 11, 2019

सील तोड़ना मजेदार था

सील तोड़ना मजेदार था


Kamukta, desi kahani, antarvasna:


Seal todna majedar tha मैं अपनी बिजनेस मीटिंग से वापस लौट रहा था मैंने अपनी कार में धीमी आवाज में गाने लगाए हुए थे मैंने आगे देखा कि कुछ लड़के एक लड़की को परेशान कर रहे हैं और वह लड़की उनका विरोध कर रही है लेकिन उसके बावजूद भी वह लोग उसे परेशान कर रहे थे। मैंने अपनी कार को रोका और मैं जब अपनी कार से उतरा तो वह लड़के मुझे देख कर वहां से जाने की कोशिश करने लगे लड़की भी थोड़ा हिम्मत दिखाते हुए उन्हें कहने लगी कि तुम अकेली लड़की को देखकर ऐसी क्या बदतमीजी करते हो। अब लड़के भी वहां से धीरे-धीरे आगे की तरफ को जाने लगे थे कुछ और लोग भी वहां पर इकट्ठा हो गए और वह लड़के वहां से अब जा चुके थे। मुझे उस लड़की ने कहा कि सर आपका बहुत धन्यवाद जो आपने मेरी मदद की मैंने आसपास लोगों को देखा तो मैं थोड़ा हैरान जरूर था क्योंकि वह लोग भी वहीं पास में खड़े थे लेकिन उसके बावजूद भी उन्होंने उस लड़की की मदद नहीं की इस बात से मुझे थोड़ा आश्चर्य जरूर हुआ। मैंने उस लड़की को कहा कि मैं आपको घर छोड़ देता हूं वह कहने लगी कि नहीं सर रहने दीजिए।


वह मेरे सूट-बूट को देख कर मुझे सर कह रही थी मैंने उसे कहा देखो मैं आपको आपके घर छोड़ देता हूं तो वह मेरी बात मान गई और मैं उसे उसके घर तक छोड़ने के लिए चला गया। रास्ते में मेरी उससे बात हुई तो उसने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम रचना है मैंने रचना से पूछा आप क्या करती हैं तो रचना मुझे कहने लगी कि सर आज मैं इंटरव्यू देने के लिए गई थी लेकिन मेरा सिलेक्शन हो नहीं पाया और काफी समय से मैं नौकरी की तलाश में हूं। मैंने रचना को कहा आप एक काम कीजिएगा आप मुझे अपना रिज्यूम मेरी मेल आईडी पर भेज दीजिए मैं देख लेता हूं रचना कहने लगी कि ठीक है सर मैं आपको अपना रिज्यूम आपकी मेल आईडी पर भेज देती हूं आप मुझे अपनी मेल आईडी दे दीजिए। मैंने रचना को अपनी मेल आईडी दे दी और रचना से मैं उसके बारे में पूछने लगा हम लोगों की बात ज्यादा समय तक तो नहीं हुई लेकिन जितने समय भी हम लोगों की बात हुई तो मुझे अच्छा लगा। रचना से बात करना मुझे इसलिए भी अच्छा लगा कि वह बड़ी ही सिंपल और सुलझी हुई लड़की है मैंने रचना को उसके घर छोड़ा और मैं वहां से अपने घर के लिए निकल गया।


मैं जैसे ही अपने घर पहुंचा तो मैंने देखा मेरी दीदी और जीजा जी आए हुए हैं मैंने दीदी को कहा आप अचानक से ही आ गई तो जीजा जी कहने लगे कि बस मेरी आज छुट्टी थी तो सोचा तुम लोगों से मिल आते हैं। जीजाजी और मेरे बीच बहुत बनती है और दीदी मुझे कहने लगी कि शोभित तुम अभी कहां से आ रहे हो तो मैंने दीदी को बताया कि मैं अपनी बिजनेस मीटिंग से आ रहा हूं। दीदी कहने लगी शोभित मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि तुम इतनी जल्दी इतनी तरक्की कर पाए और मैं जब भी तुम्हारी बात अपनी सहेलियों या अपनी किसी भी परिचित के साथ करती हूं तो मुझे बहुत गर्व महसूस होता है और मैं सोचती हूं कि तुमने इतनी जल्दी इतना अच्छा मुकाम हासिल कर लिया। मैंने दीदी को कहा दीदी यह सब आपके प्यार का ही तो नतीजा है और मम्मी पापा ने मुझ पर इतना भरोसा दिखाया उसी की बदौलत आज मैं एक अच्छे मुकाम पर पहुंच पाया हूं। दीदी कहने लगी कि हम लोगों का प्यार तो हमेशा तुम्हारे साथ ही है। मैं और दीदी आपस में बात कर रहे थे तो जीजा जी कहने लगे कि शोभित तुम्हारी दीदी कह रही थी कि तुम कुछ दिनों के लिए दुबई जा रहे हो। मैंने जीजा जी को कहा हां जीजा जी मैं कुछ दिनों के लिए दुबई जा रहा हूं वहां पर मेरी एक मीटिंग है यदि वह मीटिंग मेरी अच्छी रही तो मुझे बहुत अच्छा बिजनेस मिलने वाला है। जीजा जी कहने लगे कि हम तो यही चाहते हैं कि तुम्हें अच्छा बिजनेस मिले और तुम और भी तरक्की करो। मैं अपने रूम में अब कपड़े चेंज करने के लिए आया मैं अपने कपड़े चेंज कर रहा था तो मेरे फोन पर रचना का फोन आया मैंने जैसे ही उसका फोन उठाया तो रचना मुझे कहने लगी कि सर मैंने आपको अपना रिज्यूम भेज दिया है। वह जब मुझसे बात कर रही थी तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं तुम्हारा रिज्यूम देख लूंगा। उस वक्त तो मेरे पास समय नहीं था क्योंकि दीदी और जीजा जी आए हुए थे इसलिए मैं उन लोगों से ही बात कर रहा था लेकिन रात को जब मुझे समय मिला तो मैंने रचना का रिज्यूम देखा और मैंने सोचा कि क्यों ना रचना को अपनी कंपनी में ही जॉब पर रख लूँ लेकिन मैं रचना को यह नहीं बताना चाहता था कि मेरे माध्यम से वह जॉब पर लगी है।


मैं उसे इस बारे में बिल्कुल नहीं बताना चाहता था और रचना को अगले दिन मैंने अपने ऑफिस के मैनेजर से कहकर इंटरव्यू के लिए बुला लिया। रचना इंटरव्यू देने के लिए आई और उसका सलेक्शन हो गया क्योंकि मैं चाहता था कि रचना जैसी ईमानदार और अच्छी लड़की हम लोगों के साथ काम करें। रचना को अभी तक पता नहीं चल पाया था कि वह मेरी ही कंपनी है रचना बड़े अच्छे से काम करती थी जब उसे इस बारे में पता चला तो रचना ने मुझे कहा कि सर यह सब आपने ही करवाया है। मैंने उसे कहा नहीं रचना यह सब तुम्हारी मेहनत से ही हुआ है तुम्हारा इंटरव्यू में सिलेक्शन हुआ उसके बाद ही तो तुमने जॉब ज्वाइन की। मैं दुबई से कुछ दिनों पहले ही लौटा था और रचना भी बड़े अच्छे से काम कर रही थी जब रचना ने मुझे कहा कि सर आज मेरे मम्मी पापा की शादी की 25वीं सालगिरह है तो मैं चाहती हूं कि आप हमारे घर पर आए। मैंने रचना को कहा जरूर मैं तुम्हारे घर पर तुम्हारे मम्मी पापा से मिलना चाहूंगा तो रचना कहने लगी कि सर आप जरूर आइएगा मैं आपको अपने मम्मी पापा से मिलाऊंगी। शाम के वक्त मैं रचना के घर पर गया रचना ने मुझे अपने मम्मी पापा से मिलवाया रचना के मम्मी पापा बड़े ही सिंपल और सीधे साधे है उनसे मिलकर मुझे अच्छा लगा।


रचना मुझे कहने लगी कि सर आप मेरे घर पर आये मुझे इस बात की बहुत खुशी है मैंने रचना को कहा तुमने मुझे इतने प्यार से बुलाया था तो भला क्या मैं तुम्हारे घर पर क्यों नहीं आता। रचना कहने लगी सर आप दिल के बहुत ही अच्छे हैं रचना मेरी तारीफ करने लगी तो मैंने उसे कहा मैं कोई दिल का अच्छा नहीं हूं बस मैं अच्छे लोगों को पहचानना जानता हूं। जब मैंने तुम्हें पहली बार देखा था तो मुझे लगा था कि तुम बहुत अच्छी हो इसलिए मैंने तुम्हें अपनी कंपनी में जॉब के लिए रखने का फैसला उसी वक्त कर लिया था। रचना के घर पर मैं काफी समय रुका और उसके परिवार के साथ समय बिताकर मुझे अच्छा लगा अब मैं अपने घर लौट आया था। मैं अपने घर लौट आया था और रचना का मुझे जब भी फोन आता तो मुझे अच्छा लगता। मुझे यह लग रहा था यदि रचना से मैं कुछ ज्यादा नजदीक होने की कोशिश करूंगा तो कहीं उसे कुछ गलत ना लगे इसलिए मैं उस से दूरी बनाने की कोशिश करता परंतु रचना और मेरे बीच में अब बातें कुछ ज्यादा ही बढ़ने लगी थी जिस से उसे भी अच्छा लगने लगा था। रचना को जब मैं अपने साथ कहीं अकेले ले जाता तो उसे अच्छा लगता उसे मुझ पर पूरा भरोसा था और मुझे नहीं पता था कि उसकी चूत मेरे लिए तड़प रही है। वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए बेताब थी। एक दिन मैंने रचना के होठों को चूम लिया मुझे लगा उसके बाद वह मेरे साथ कभी आएगी नहीं लेकिन उसके बाद वह मेरे साथ अक्सर आती थी तो मुझे अच्छा लगता। जब वह मेरे साथ आती तो मुझे इस बात की खुशी थी की रचना के साथ में किस कर पाता था जब हम लोगों के बीच किस होता तो मुझे बहुत ही अच्छा लगता।


एक दिन हम दोनों कुछ ज्यादा ही गरम हो गए हम दोनों ही अपने आपको रोक ना सके जब मैंने रचना के होंठों को चूमना शुरू किया तो मेरा हाथ उसके स्तनों की तरफ जाने लगा और उसके स्तनों को मैं दबाने लगा जब मैंने अपने हाथ को उसकी चूत की तरफ बढ़ाया तो मुझे ज्यादा अच्छा लगने लगा और उसकी चूत के अंदर बाहर में अपनी उंगली को करने लगा। वह बिल्कुल ही नहीं रह पा रही थी मैंने भी लंड को बाहर निकाला मेरे लंड को उसने अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया और उसे बड़ा अच्छा लग रहा था जिस प्रकार से वह मेरे लंड को चूस रही थी। उसके अंदर से गर्मी बाहर निकल रही थी वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी मैंने रचना से कहा मैं तुम्हारी चूत के अंदर अपने लंड को डाल रहा हूं। मैंने उसके दोनों पैरों को खोला जब मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को डाला तो वह चिल्ला उठी उसकी सील पैक चूत से खून बाहर की तरफ से निकलने लगा और जिस प्रकार से उसकी चूत से खून बहार निकल रहा था मुझे भी अच्छा लग रहा था और उसे भी मजा आने लगा।


वह लगातार तेजी से चिल्ला रही थी उसकी मादक आवाज मेरे कानों में जाती तो मेरा लंड तन कर खड़ा हो जाता मै अपने लंड को बड़ी आसानी से उसकी चूत के अंदर कर रहा था। मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया तो उसे और भी ज्यादा मजा आने लगा और वह बहुत ज्यादा खुश होने लगी। मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर हो रहा था वह मेरी तरफ देख रही थी और मैं उसकी तरफ देख रहा था बहुत देर तक ऐसा ही चलता रहा। यह सिलसिला काफी देर तक चला जब मेरे लंड से वीर्य बाहर निकालने की कोशिश करने लगा तो मैंने अपने लंड को बाहर निकालते हुए रचना के मुंह मे लगाया और उसने मेरे लंड को बहुत देर तक चूसा। जिस प्रकार से उसने मेरे लंड को चूसा मै बहुत ही ज्यादा उत्तेजित हो गया था और मेरा माल बाहर की तरफ को निकलने लगा जैसे ही मेरा वीर्य रचना के मुंह के अंदर गिरा तो उसने सब अंदर समा लिया और मुझे बहुत खुशी हुई। रचना के साथ जिस प्रकार से मै चूत चुदाई का मजा ले पाया मुझे बहुत मजा आया।



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