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Monday, May 27, 2019

चोदो जितना चोदना है मेरे दीवाने

Antarvasna, hindi sex stories:


Chodo jitna chodna hai mere deewane गर्मी अपने उफान पर थी और महीना था जून का बहुत ज्यादा गर्मी हो रही थी और रात को ऑफिस से लौटने के बाद नींद भी नहीं आती थी कई बार करवटें लेने के बाद भी नींद नहीं आती थी। सुबह जब ऑफिस जाओ तो ऑफिस में भी थकान सी महसूस होती थी मैंने अपने पापा से कहा पापा आजकल गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है तो पापा कहने लगे हां बेटा गर्मी तो बहुत ज्यादा है। मैंने पापा को कहा पापा क्यों ना हम लोग ए सी लगवा ले पापा मुझे कहने लगे कि बेटा यदि ए सी लगवा लेंगे तो उसमें बिजली का बिल बहुत आएगा। मैंने पापा से कहा नहीं पापा ऐसा नहीं है पापा मेरी बात मान गए और हम लोग एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में चले गए। जब हम लोग वहां पर गए तो तीन-चार लोगों ने हमें घेर लिया और हमसे इस प्रकार से पूछताछ करने लगे जैसे कि हमें वह सामान जबरदस्ती देख कर ही रहेंगे। मैंने उनसे कहा अरे भैया हमें अंदर आने दो हम लोग जब सामान देखेंगे तभी तो हम सामान लेंगे वहां बैठे एक बुजुर्ग अंकल ने उन्हें कहा कि उन्हें सामान देखने दीजिए।


वह बुजुर्ग दुकान के मालिक थे और हम लोग अब ए सी देखने लगे हम लोगों की सलाह मशवरा के बाद हम लोगों ने उन बुजुर्ग अंकल से भी पूछा तो वह कहने लगे कि आप अपने बजट के हिसाब से ए सी ले जाइए। मैंने पापा से कहा पापा आप बताइए हमें कौन सा ए सी लेना चाहिए पापा और मेरी रजामंदी बन चुकी थी और हम लोग ए सी घर ले आए। हम लोग जब ए सी घर लाए तो अंकल ने हमारे साथ ही एक दुकान में काम करने वाले लड़के को भेज दिया था वह हमारे घर पर आया और उसने ए सी फिट कर दिया। फिट करने में करीब 3 घंटे लगे और उसके बाद वह लड़का चला गया जब मैं ऑफिस से आता तो मुझे बड़ी सुकून की नींद आती और मुझे अब अच्छा भी लग रहा था कि कम से कम रात के वक्त तो नींद आ पा रही थी। कुछ दिनों के बाद ही वह ए सी बंद हो गया ना जाने उसमें क्या खराबी हुई मैंने उन्हीं अंकल को फोन किया जिनसे मैंने वह ए सी लिया था तो वह कहने लगे कि बेटा मैं आपके घर पर अभी लड़के को भिजवा देता हूं। थोड़ी देर बाद उन्हीं की दुकान में काम करने वाला लड़का हमारे घर पर आया तो वह ए सी देखने लगा वह कहने लगा सर आपको यह सर्विस सेंटर में लेके आना पड़ेगा शायद इसमें कोई खराबी आ चुकी है।


पापा इस बात पर भड़क उठे और कहने लगे कि बेटा हम लोगों ने कुछ दिनों पहले ही तो यह ए सी तुम्हारे यहां से लिया था। किसी प्रकार से उस लड़के ने पापा को समझाया और वह ए सी सर्विस सेंटर में ले गया कुछ दिनों बाद वह ए सी रिपेयर होकर आ चुका था और उसके बाद जब भी मुझे कोई सामान खरीदना होता तो मैं उन्हीं अंकल के पास जाता था। अंकल के साथ मेंरी अच्छी जान पहचान हो गई थी और उनसे अच्छा परिचय हो जाने के बाद वह सामान में थोड़ा बहुत डिस्काउंट भी हमें दे दिया करते थे। एक दिन मैंने अंकल को कहा कि अंकल मेरी मौसी को कोई सामान खरीदना था तो मैं उन्हें आपके पास भेज देता हूं अंकल कहने लगे ठीक है बेटा तुम उन्हें हमारी दुकान पर भेज देना। मौसी जब उनकी दुकान पर गयी तो मौसी ने वहां से अपने लिए एक वॉशिंग मशीन खरीद ली और उन अंकल ने उन्हें पैसे भी कम कर दिए थे तो मौसी भी बहुत खुश थी। मौसी जब कुछ दिनों बाद घर पर आई तो वह अंकल की बड़ी तारीफ कर रही थी और कहने लगी कि उनका व्यवहार बहुत ही अच्छा है। मैं काफी दिनों बाद अंकल की दुकान पर गया तो वहां पर मैंने देखा कि एक लड़की काउंटर पर बैठी हुई थी मैंने उससे कहा क्या अंकल आज दुकान पर नहीं है तो वह लड़की मुझे कहने लगी कि नहीं वह तो आज दुकान पर आए नहीं उनकी तबीयत ठीक नहीं है। मैंने उस लड़की से पूछा लेकिन उनकी तबीयत कब से खराब है तो वह कहने लगी कि कुछ दिनों से उनकी तबीयत काफी खराब है इसलिए वह दुकान पर नहीं आ पा रहे हैं। मैंने उस लड़की को कहा कि चलो ठीक है मैं अंकल को फोन कर लूंगा मैंने अंकल को फोन किया और उनके हालचाल पूछने लगा वह अंकल मुझे कहने लगे कि काफी दिनों से मेरी तबीयत ठीक नहीं थी और डॉक्टर ने मुझे आराम करने के लिए कहा है।


उनसे मेरी ज्यादा देर तक फोन पर तो बात हो नहीं पाई लेकिन मैंने उन्हें कहा कि मैं आपसे मिलना चाहता हूं तो वह कहने लगे कि बेटा आज तो हम लोग शायद नहीं मिल पाएंगे क्योंकि मुझे डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाना है तो तुम कल मुझसे मिलने के लिए आ जाना। मैंने उन्हें कहा जी अंकल आप मुझे अपने घर का एड्रेस दे दीजिएगा मैं आपसे मिलने के लिए आपके घर आ जाऊंगा। कुछ ही समय में अंकल से  मेरा काफी जुड़ाव सा होने लगा था और ना जाने ऐसा क्यों लगता था कि जैसे वह हमारे ही परिवार के कोई सदस्य हैं उनके अंदर कोई भी छल कपट या कोई चालाकी नहीं थी वह बड़े ही सीधे साधे और बड़े ही सज्जन व्यक्ति हैं। मैं अंकल से मिलने के लिए उनके घर पर चला गया मैं उनके घर पर गया तो वहां पर उनके बेटे से मेरी मुलाकात हुई उनका बेटा पेसे से एक डॉक्टर है और उसे मिलकर मुझे अच्छा लगा। वह मुझे कहने लगा पापा आपके बारे में काफी बातें करते हैं मैंने उन्हें कहा अंकल का तो नेचर ऐसा ही है। मैं अंकल के साथ बैठा हुआ था और अंकल से ही मैं बात कर रहा था तो वह कहने लगे कि कुछ दिनों से मेरी तबीयत कुछ ठीक नहीं चल रही है डॉक्टर ने मुझे आराम करने के लिए कहा है। मैंने उन्हें कहा अब आपकी तबीयत तो पहले से ठीक है ना वह कहने लगे हां पहले से तो अब मेरी तबीयत ठीक है।


मैं अंकल के साथ ही बैठा हुआ था और उनसे में बात कर रहा था तभी उनकी बहू कमरे में आई और उन्होंने मेरा परिचय अपनी बहू से करवाया। अंकल मुझे कहने लगे यह मेरी बहू सलोनी है मैं उनकी तरफ देखता ही रहा उनकी सुंदरता ने मुझे अपनी ओर इतना ज्यादा आकर्षित कर दिया था कि मैं अपने आपको रोक नहीं पाया और मैं उन्हें देखता रहा। मैंने जब सलोनी भाभी से अकेले में बात की और कहा आप बहुत सुंदर है तो वह मुझे कहने लगी लगता है आप से अकेले में मिलना पड़ेगा। मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं जब आपका मन हो तो आप मुझे बताइएगा वह मुझसे अकेले में मिलने के लिए तैयार हो चुकी थी। हम लोग जब अकेले में मिले तो मैंने उस दिन उसकी बड़ी तारीफ की वह अपने आपको रोक ना सकी उन्होंने मेरे होठों को चूम लिया। मेरे लिए तो यह सब कुछ बड़ा ही आश्चर्यचकित करने वाला था क्योंकि मैंने कभी भी सोचा नहीं था लेकिन सलोनी भाभी ने जब मुझे बताया कि उनके पति का लंड छोटा है। मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं मैं आपकी इच्छा को पूरा कर दूंगा मैं जब अंकल से मिलने के लिए गया तो सलोनी भाभी घर पर थी उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुला लिया। मैं जब कमरे में गया तो मैंने देखा वह नंगी लेटी हुई थी उनके नंगे बदन को देखकर मैं अपने आपको रोक ना सका। मैंने उनके स्तनों को चूसना शुरू किया मैं उनके स्तनों को बड़े ही अच्छे तरीके से चूस रहा था मुझे बहुत मजा आता मैने काफी देर तक उनके स्तनों का रसपान किया। जब मैंने उनके होंठों को चूसना शुरू किया तो वह मुझे कहने लगी मेरी चूत से पानी बाहर निकलने लगा है मैं अपने आपको ना रोक सका। मैंने उनकी चूत को चाटना शुरू कर दिया काफी देर तक मैंने उनकी चूत का रसपान किया उन्हें मैंने उत्तेजित कर दिया था।


जब वह मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेने लगी तो मुझे भी अच्छा लगने लगा उन्होंने काफी देर तक मेरे स्तनो का रसपान किया फिर उन्होंने मेरे लंड को हिलाते हुए अपनी चूत पर सटा दिया उनकी योनि से पानी बाहर की तरफ को निकाल रहा था। मेरे अंदर बहुत ज्यादा जोश पैदा होने लगा मेरे अंदर जोश बढ़ चुका था मैंने एक ही झटके में सलोनी भाभी की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्ला उठी उन्होंने मुझे कसकर अपनी बाहों में पकड़ लिया। मैंने भी उन्हें अपनी बाहों में कस कर पकड़ा हुआ था वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है। मैं उनको तेजी से चोद रहा था जब मैंने उन्हें घोड़ी बनाकर उनकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्लाने लगी। मैंने अपने लंड को उनकी योनि के अंदर प्रवेश करवा दिया था और बड़ी तेजी से मै धक्के मार रहा था। वह मुझे कहने लगी मुझे बड़ा दर्द हो रहा है मै उन्हें लगातार तेजी से चोदता तो वह मुंह से सिसकियां निकल रही थी और मुझे अपनी ओर खींच रही थी। काफी देर तक उनकी चूत मारने के बाद मैने उनकी गांड के अंदर उंगली को घुसाया तो वह कहने लगी आप तो मेरी गांड के अंदर भी अपने लंड को घुसा दो।


उन्होंने अपनी इच्छा मुझसे जाहिर की तो मैंने अपने लंड को तेल से चिकना बना दिया और उनकी गांड के अंदर घुसाया तो वह चिल्लाने लगी। उनकी गांड मैं मेरा पूरा लंड अंदर तक जा चुका था मैं बड़ी तेजी से उनकी गांड मार रहा था मुझे उनकी गांड मारने में मजा आता। वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलने लगी थी और उनका रंग भी लाल होने लगा था। मैंने कहा भाभी जी आप वाकई में बड़ी सुंदर है तो वह कहने लगी लेकिन मेरी सुंदरता का क्या करना मेरे पति मुझे संतुष्ट नहीं कर पाते। मैंने उनकी गर्मी को पूरी तरीके से बाहर निकाल कर रख दिया था वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी। मुझे इस बात की खुशी थी कि मैं सलोनी भाभी की गांड मारने में कामयाब रहा उसके बाद तो जैसे हम दोनों के बीच यह सिलसिला आम हो गया हम लोग एक दूसरे को मिलते ही रहते थे। अंकल के साथ अभी भी मेरे वैसे ही संबंध है जब भी उनसे मेरी मुलाकात होती है तो वह खुश हो जाते हैं और सलोनी भाभी की चेहरे की रौनक बढ जाती है।



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