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Wednesday, May 29, 2019

आज ना छोडूंगा तुमको, जोर से चोदूंगा

Kamukta, hindi sex kahani, antarvasna:


Aaj na chhodunga tumko jor se chodunga मम्मी मुझे कहती है कि संतोष बेटा तुम मेरे साथ मामा जी के घर चलो तो मैंने मम्मी से कहा मम्मी मैं वहां आकर क्या करूंगा। मम्मी कहने लगी कि तुम्हारे कॉलेज की छुट्टियां पड़ी है और वैसे भी तुम घर पर क्या करोगे तुम मेरे साथ चलो तो मुझे भी तुम्हारा साथ मिल जाएगा। मम्मी की जिद के आगे मैं कुछ ना कह सका और मैं मम्मी के साथ जाने के लिए तैयार हो गया मैं मम्मी के साथ अब जाने के लिए तैयार हो चुका था और हम लोग मेरे मामाजी के घर चले गए। काफी समय बाद मामा जी और उनके परिवार से मिलकर अच्छा लगा मामा जी की लड़की गरिमा मुझसे पूछने लगी कि संतोष आजकल तुम क्या कर रहे हो। मैंने गरिमा को बताया मैं तो अभी कॉलेज ही कर रहा हूं और आज कल कॉलेज की छुट्टी पड़ी हुई है गरिमा मुझे कहने लगी कि मैंने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स ज्वाइन कर लिया है। मैंने गरिमा को कहा चलो यह तो बहुत खुशी की बात है की तुम फैशन डिजाइनर बनने वाली हो गरिमा कहने लगी अभी तो मैंने शुरुआत ही की है अभी मैंने कुछ दिनों पहले ही तो कॉलेज में एडमिशन लिया।


मैंने गरिमा को कहा तुमने अच्छा किया जो फैशन डिजाइनिंग का कोर्स ज्वाइन कर लिया वह कहने लगी हां मेरा मन तो बहुत था और मैंने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया तो मुझे इस बात से खुशी है कि पापा मेरी बात मान गए। मम्मी और मामा जी आपस में बात कर रहे थे मैं और गरिमा रूम में बैठकर बात कर रहे थे गरिमा मामा जी की बेटी है। गरिमा ने जब मुझे शांतनु के बारे में बताया तो मैंने गरिमा से कहा क्या तुम शांतनु से प्यार करती हो गरिमा कहने लगी हां मैं शांतनु से प्यार करती हूं। मैंने गरिमा को कहा यदि यह बात मामा जी को पता चली तो वह तुम पर बहुत गुस्सा होंगे गरिमा मुझे कहने लगी कि हां मुझे मालूम है यदि इस बारे में पापा को पता चला तो वह बहुत गुस्सा होंगे। मैंने गरिमा को कहा गरिमा तुम मुझे शांतनु से कब मिला रही हो तो गरिमा कहने लगी कि जल्द ही मैं तुम्हें शांतनु से मिलवाऊंगी। हम दोनों बात कर ही रहे थे कि तभी शांतनु का फोन आया और गरिमा फोन पर शांतनु से बात करने लगी मैं शांतनु से कभी मिला भी नहीं था और ना ही मैंने उससे कभी बात की थी लेकिन मेरी बात जब गरिमा ने शांतनु से करवाई तो मुझे शांतनु से बात कर के अच्छा लगा।


शांतनु मुझे कहने लगा कि हम लोग कभी मिलते हैं लेकिन मुझे नहीं पता था कि यह सब इतनी जल्दी होने वाला है कॉलेज की छुट्टियां अभी भी पड़ी थी और शांतनु ने शायद घूमने का प्लान बना लिया था। गरिमा ने मुझे फोन किया और कहा कि मैं सोच रही हूं कि तुम भी हमारे साथ चलो मैंने गरिमा को कहा लेकिन तुम लोग घूमने के लिए कहां जा रहे हो। गरिमा ने मुझे बताया कि हम लोग घूमने के लिए वाटर पार्क जा रहे हैं गर्मी भी काफी ज्यादा हो रही थी तो मुझे लगा कि मुझे भी शांतनु और गरिमा के साथ घूमने के लिए जाना चाहिए। मैं भी उन दोनों के साथ जाने के लिए तैयार हो चुका था लेकिन मुझे नहीं मालूम था कि शांतनु की बहन नैना भी हमारे साथ चल रही है। मैं शांतनु से पहली बार ही मिला था और जब मैं शांतनु से मिला तो उससे मिलकर मुझे अच्छा लगा क्योंकि वह बिल्कुल मेरे ही टाइप का था शांतनु से मिलकर मुझे खुशी हुई। मैंने गरिमा को कहा कि तुम्हारी पसंद बहुत अच्छी है तो गरिमा कहने लगी कि हां आखिर मेरी पसंद अच्छी क्यों नहीं होगी। गरिमा और शांतनु साथ में ही थे मैं नैना के साथ बात कर रहा था नैना का शर्मीला स्वभाव मुझे अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। नैना ने मुझे कहा क्या तुम कॉलेज में पढ़ते हो तो मैंने नैना को कहा हां मैं कॉलेज में पढ़ाई करता हूं नैना मुझसे कहने लगी कि मैंने भी अभी अपना कॉलेज कंप्लीट किया है। नैना मुझसे उम्र में एक वर्ष बड़ी थी लेकिन उसके बावजूद भी मैं नैना से बात कर रहा था और मुझे नैना से बात करना अच्छा लगता। नैना और मैं साथ में ही थे मुझे नैना के बारे में काफी कुछ चीजे जानने का मौका मिल रहा था लेकिन मुझे यह सब नहीं पता था कि नैना और मेरी भी नज़दीकियां जल्द ही बड़ जाएंगे। मैंने उस दिन नैना का नंबर ले लिया और जब मैं घर पहुंचा तो मैंने गरिमा को फोन किया और कहा कि गरिमा मुझे नैना बहुत पसंद आई तो गरिमा कहने लगी कि नैना तुम्हारे टाइप की लड़की नहीं है। मैंने गरिमा को कहा लेकिन नैना मुझे बहुत अच्छी लगी तो गरिमा कहने लगी कि ठीक है मैं तुम्हारी मदद करने की कोशिश करूंगी।


गरिमा ने मुझे मेरी मदद करने का आश्वासन दिया और गरिमा ने ही नैना के दिल में मेरे लिए वह प्यार पैदा किया जो कि मैं चाहता था अब नैना और मैं अक्सर एक दूसरे से मुलाकात करते रहते थे। हम दोनों जब भी एक दूसरे से मिलते तो हमें बहुत ही अच्छा लगता और हम दोनों खुश हो जाते थे नैना से मेरी नजदीकी बढ़ती ही जा रही थी और यह बात शांतनु को भी पता चल चुकी थी लेकिन शांतनु को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी। शांतनु बिल्कुल ही खुले विचारों और ओपन माइंड का लड़का है इसीलिए शांतनु मुझे बहुत पसंद था। जब भी हम लोगों का कहीं घूमने का प्लान होता तो हम चारों ही एक दूसरे से पूछ लिया करते थे मुझे नैना के साथ में समय बिताकर अच्छा लगता। कुछ समय पहले ही हम लोग मूवी देखने के लिए गए हुए थे मैंने मूवी की टिकट ली उसके बाद हम लोग सोफे पर बैठे हुए थे क्योंकि वहां खड़े गार्ड ने कहा था कि भैया अभी मूवी शुरू होने में 15 मिनट है। हम लोग आपस में बात कर रहे थे मैं नैना की तरफ ही देखे जा रहा था और नैना मेरी तरफ देख रही थी।


हम लोग जैसे ही मूवी थिएटर के अंदर गए तो हम मूवी देख रहे थे। नैना मेरे बगल में ही बैठी हुई थी मैं नैना की तरफ देखे जा रहा था जब मैंने नैना की जांघ पर अपने हाथ रखा तो वह मेरी तरफ देखने लगी वह मेरी तरफ प्यासी नजरों से देख रही थी। मैं उसकी तरफ देखे जा रहा था काफी देर तक मैंने नैना की तरफ देखा नैना के अंदर उत्तेजना जाग चुकी थी शायद उससे बिल्कुल भी रहा नही गया। मैंने जब नैना की जींस के अंदर हाथ डालते हुए उसकी चूत को सहलाना शुरू किया तो वह मचलने लगी नैना की चूत मे बाल नहीं थे। उसने मुझे कुछ नहीं कहा मैंने उस दिन नैना की चूत से पानी बाहर निकाल कर रख दिया उसकी चूत पूरी तरीके से गीली हो चुकी थी। उस दिन मेरे साथ गरिमा और शांतनु थे इसलिए हम दोनों कुछ ज्यादा नहीं कर पाए। जब मुझे मौका मिला तो मैंने नैना को अकेले में बुलाया नैना के अंदर सेक्स की इच्छा जाग चुकी थी। वह मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी वह अपने आप को रोक नहीं पा रही थी इसलिए जब वह मुझसे चुदने के लिए तैयार हो गई तो जब मैंन नैना को अपनी बाहों में लिया तो हम दोनो के बदन से गर्मी बाहर निकल रही थी। हम दोनों के अंदर से कुछ ज्यादा गर्मी बाहर निकलने लगी ना तो मैं अपने आपको रोक पाया और ना ही उसे नैना रोक पाई। नैना के अंदर से आग निकल चुकी थी वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी उसने मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया था और बड़े अच्छे तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी। मैं उत्तेजित हो चुका था मै नैना की चूत मारने के लिए तैयार था। मैने नैना के कपड़े उतारकर उसके स्तनों को चूसना शुरु किया मैंने नैना के स्तनों का रसपान बहुत देर तक किया वह पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुकी थी। मैंने जब उसकी चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो वह मुझे कहने लगी तुमने उस दिन मेरी चूत की गर्मी को बढ़ा दिया था लेकिन उस दिन तुम मेरी चूत की गर्मी को मिटा ना सके परंतु नैना मुझसे अपनी चूत मरवाने के लिए तैयार थी।


मैंने जब नैना की चूत पर अपने लंड को लगाया तो उसके अंदर की तरफ मैने लंड को घुसाना शुरू किया मेरा लंड नैना की चूत के अंदर चला गया और नैना की चूत के अंदर लंड जाते ही उसके मुंह से चीख निकल पड़ी। उसके मुंह से चीख निकल रही थी वह मुझे अपनी बाहों में ले रही थी मैं उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था। मैंने कुछ देर बाद उसे कहा मुझे तुम्हें घोडी बनाना है? नैना ने अपनी बड़ी चूतड़ों को मेरी तरफ किया मैंने उसकी चूत के अंदर उंगली डाली तो उसकी चूत से खून बाहर की तरफ को निकल रहा था मैं पूरी तरीके से उत्तेजित होने लगा। मैंने जब नैना की चूत के अंदर अपने लंड को घुसाया तो वह चिल्लाने लगी उसकी चूत के अंदर मेरा लंड प्रवेश हो चुका था मै उसे लगातार तेजी से चोद रहा था मुझे उसे धक्के मारने में मजा आता। वह अपनी चूतड़ों को मुझसे लगातार मिलाए जा रही थी उसने मेरा साथ बहुत देर तक दिया लेकिन उसकी टाइट चूत की गर्मी को भला में कितने देर तक झेल पाता।


मेरे अंदर से अब गर्मी बाहर निकलने लगी थी मेरे लंड और नैना की चूत से जो गर्मी निकल रही थी उसे हम दोनों ही झेल नहीं पा रहे थे। नैना की चूत से लगातार खून बाहर की तरफ को निकल रहा था मैंने नैना को कहा मेरा वीर्य तुम्हारी चूत में गिर चुका है। नैना कहने लगी कोई बात नहीं संतोष उसने मुझे गले लगा लिया जब उसने मुझे गले लगाया तो उसकी योनि से अब भी मेरा वीर्य टपक रहा था और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। जिस प्रकार से मैंने नैना की चूत की गर्मी को मिटाया था और उसके बदन को मैंने अपना बनाया था उस खुशी मेरे अंदर एक अलग ही जोश पैदा हो गया था। उस दिन के बाद हम दोनों जब एक दूसरे को मिलते तो हमारे मन में सिर्फ शारीरिक संबंध स्थापित करने को लेकर खयाल चलता रहता था और मैं बहुत ज्यादा खुश हो जाया करता था। नैना की चिकनी चूत मारने के लिए मैं हमेशा तैयार रहता था और जब भी मैं उसकी चूत मारता तो खुश हो जाया करता।



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